• राष्ट्रीय सहारा : 04/07/2020 सहारा न्यूज ब्यूरो, लखनऊ :- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलों में तैनात नोडल अधिकारियों से वैश्विक महामारी कोविड–१९ से बचाव तथा उपचार का नियमित रूप से फीडबैक प्राप्त करने के निर्देश देते हुए कहा कि उनके सुझावों पर तत्काल निर्णय लेते हुए जरूरी कार्रवाई की जाए। श्री योगी शुक्रवार को यहां अपने सरकारी आवास पर उच्चस्तरीय बैठक टीम–११ से ‘अनलॉक व्यवस्था‘ की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोविड–१९ के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए हर स्तर पर सतर्क व सावधान रहना जरूरी है। अनलॉक–२ के दौरान संचालित विभिन्न गतिविधियों में संक्रमण से सुरक्षा सम्बन्धी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन कराया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि लोग ‘दो गज की दूरी‚ मास्क' के नियम का पालन करें। सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने के लिए लोगों को प्रेरित व प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कोरोना के संक्रमण से बचाव के सम्बन्ध में जनता को जागरूक करने के लिए प्रचार–प्रसार की कार्रवाई को जारी रखने के निर्देश भी दिए। श्री योगी ने कहा कि पुलिस द्वारा प्रभावी पेट्रोलिंग का कार्य जारी रखा जाए। कहीं भी पब्लिक गैदरिंग न हो। कन्टेनमेंट जोन में पूरी सख्ती बरती जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कन्टेनमेंट जोन में लोगों को आवश्यक सामग्री की उपलब्धता में कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े। उन्होंने सरकारी एवं निजी संस्थाओं में कोविड हेल्प डेस्क के सुचारु संचालन पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के विशेष प्रयास करते हुए कोविड–१९ के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। उन्होंने गाजियाबाद में स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कैम्प करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड–१९ के संक्रमण को नियंत्रित करने तथा मृत्यु की दर को कम करने में सर्विलांस टीम की बड़ी भूमिका है। उन्होंने सर्विलांस टीम द्वारा पूरी सक्रियता से कार्य किए जाने पर बल देते हुए कहा कि समय पर मरीज को अस्पताल पहुंचाने से इलाज करके रोगी की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने गाजियाबाद तथा बागपत में सर्विलांस टीम की संख्या में वृद्धि करने के निर्देश दिए। श्री योगी ने कहा कि अधिक से अधिक टेस्टिंग के उद्देश्य से रैपिड एन्टीजन टेस्ट को बढ़ावा दिया जाए। प्रशिक्षित मेडिकल टीम तैयार करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं। आशा वर्कर‚ भूतपूर्व सैनिक‚ चिकित्सा सेवा से जुड़े सेवानिवृत्त लोगों आदि को प्रशिक्षित करते हुए इनका सहयोग लिया जाए। उन्होंने कहा कि पांच जुलाई से प्रारम्भ होने वाले खाद्यान्न वितरण अभियान को सुचारू ढंग से संचालित करने के लिए सभी प्रबन्ध समय से पूरे कर लिए जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि खाद्यान्न वितरण कार्य में कहीं भी घटतौली अथवा अन्य कोई अनियमितता न होने पाए। जिलाधिकारियों द्वारा अभियान की समस्त गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
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    नोडल अफसरों से नियमित रूप से लिया जाय फीडबैक
    राष्ट्रीय सहारा 04/07/2020
    सहारा न्यूज ब्यूरो, लखनऊ :- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जिलों में तैनात नोडल अधिकारियों से वैश्विक महामारी कोविड–१९ से बचाव तथा उपचार का नियमित रूप से फीडबैक प्राप्त करने के निर्देश देते हुए कहा कि उनके सुझावों पर तत्काल निर्णय लेते हुए जरूरी कार्रवाई की जाए। श्री योगी शुक्रवार को यहां अपने सरकारी आवास पर उच्चस्तरीय बैठक टीम–११ से ‘अनलॉक व्यवस्था‘ की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोविड–१९ के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए हर स्तर पर सतर्क व सावधान रहना जरूरी है। अनलॉक–२ के दौरान संचालित विभिन्न गतिविधियों में संक्रमण से सुरक्षा सम्बन्धी प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन कराया जाए। यह सुनिश्चित किया जाए कि लोग ‘दो गज की दूरी‚ मास्क' के नियम का पालन करें। सोशल डिस्टेंसिंग को बनाए रखने के लिए लोगों को प्रेरित व प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने कोरोना के संक्रमण से बचाव के सम्बन्ध में जनता को जागरूक करने के लिए प्रचार–प्रसार की कार्रवाई को जारी रखने के निर्देश भी दिए। श्री योगी ने कहा कि पुलिस द्वारा प्रभावी पेट्रोलिंग का कार्य जारी रखा जाए। कहीं भी पब्लिक गैदरिंग न हो। कन्टेनमेंट जोन में पूरी सख्ती बरती जाए। यह भी सुनिश्चित किया जाए कि कन्टेनमेंट जोन में लोगों को आवश्यक सामग्री की उपलब्धता में कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े। उन्होंने सरकारी एवं निजी संस्थाओं में कोविड हेल्प डेस्क के सुचारु संचालन पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि गाजियाबाद में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के विशेष प्रयास करते हुए कोविड–१९ के संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं। उन्होंने गाजियाबाद में स्वास्थ्य विभाग तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कैम्प करने के निर्देश दिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड–१९ के संक्रमण को नियंत्रित करने तथा मृत्यु की दर को कम करने में सर्विलांस टीम की बड़ी भूमिका है। उन्होंने सर्विलांस टीम द्वारा पूरी सक्रियता से कार्य किए जाने पर बल देते हुए कहा कि समय पर मरीज को अस्पताल पहुंचाने से इलाज करके रोगी की जान बचाई जा सकती है। उन्होंने गाजियाबाद तथा बागपत में सर्विलांस टीम की संख्या में वृद्धि करने के निर्देश दिए। श्री योगी ने कहा कि अधिक से अधिक टेस्टिंग के उद्देश्य से रैपिड एन्टीजन टेस्ट को बढ़ावा दिया जाए। प्रशिक्षित मेडिकल टीम तैयार करने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएं। आशा वर्कर‚ भूतपूर्व सैनिक‚ चिकित्सा सेवा से जुड़े सेवानिवृत्त लोगों आदि को प्रशिक्षित करते हुए इनका सहयोग लिया जाए। उन्होंने कहा कि पांच जुलाई से प्रारम्भ होने वाले खाद्यान्न वितरण अभियान को सुचारू ढंग से संचालित करने के लिए सभी प्रबन्ध समय से पूरे कर लिए जाएं। यह सुनिश्चित किया जाए कि खाद्यान्न वितरण कार्य में कहीं भी घटतौली अथवा अन्य कोई अनियमितता न होने पाए। जिलाधिकारियों द्वारा अभियान की समस्त गतिविधियों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।


  • राष्ट्रीय सहारा : 24/06/2020 लखनऊ (एसएनबी)। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने थाना‚ चिकित्सालय‚ राजस्व न्यायालय/तहसील‚ विकास खण्ड व जेल में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि हेल्प डेस्क पर पल्स ऑक्सीमीटर‚ इंफ्रारेड थर्मामीटर तथा सैनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। श्री योगी ने मंगलवार को यहां लोक भवन में उच्च स्तरीय टीम–११ की बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक थाना‚ चिकित्सालय‚ राजस्व न्यायालय/तहसील‚ विकास खण्ड तथा जेल में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना की जाय। कोविड हेल्प डेस्क पर कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव सम्बन्धी सावधानियों के पोस्टर लगाए जाए। कोविड हेल्प डेस्क पर पल्स ऑक्सीमीटर‚ इंफ्रारेड थर्मामीटर तथा सेनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मेडिकल उपकरणों के संचालन के सम्बन्ध में कोविड हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाए। इन कर्मियों को मास्क तथा ग्लव्स उपलब्ध कराए जाय। सीएम ने कहा कि कोविड हेल्प डेस्क पर एक से दो कर्मी तैनात रहें। कोविड हेल्प डेस्क का प्रतिदिन सुबह से शाम तक संचालन किया जाए। निजी अस्पतालों को भी कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने स्थापित की गईं कोविड हेल्प डेस्क की सूची उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं। श्री योगी ने विशेष सचिव स्तर के अधिकारियों को जिलों में रहकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने में सम्बन्धित मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड–१९ के आपदाकाल में इन अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा। टेस्टिंग की संख्या में लगातार वृद्धि की जाए। सर्विलांस व्यवस्था को और बेहतर करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए विशेष सचिव स्तर के अधिकारी भेजे जा रहे हैं। सर्विलांस कार्य को मजबूत करने से मेडिकल टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी।
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    हर थाने‚ चिकित्सालय‚ विकास खंड जेल में बने कोविड हेल्प डे़स्कः सीएम
    राष्ट्रीय सहारा 24/06/2020
    लखनऊ (एसएनबी)। यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने थाना‚ चिकित्सालय‚ राजस्व न्यायालय/तहसील‚ विकास खण्ड व जेल में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना करने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि हेल्प डेस्क पर पल्स ऑक्सीमीटर‚ इंफ्रारेड थर्मामीटर तथा सैनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। श्री योगी ने मंगलवार को यहां लोक भवन में उच्च स्तरीय टीम–११ की बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक थाना‚ चिकित्सालय‚ राजस्व न्यायालय/तहसील‚ विकास खण्ड तथा जेल में कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना की जाय। कोविड हेल्प डेस्क पर कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाव सम्बन्धी सावधानियों के पोस्टर लगाए जाए। कोविड हेल्प डेस्क पर पल्स ऑक्सीमीटर‚ इंफ्रारेड थर्मामीटर तथा सेनिटाइजर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। मेडिकल उपकरणों के संचालन के सम्बन्ध में कोविड हेल्प डेस्क पर तैनात कर्मियों को प्रशिक्षित किया जाए। इन कर्मियों को मास्क तथा ग्लव्स उपलब्ध कराए जाय। सीएम ने कहा कि कोविड हेल्प डेस्क पर एक से दो कर्मी तैनात रहें। कोविड हेल्प डेस्क का प्रतिदिन सुबह से शाम तक संचालन किया जाए। निजी अस्पतालों को भी कोविड हेल्प डेस्क की स्थापना के लिए प्रेरित किया जाए। उन्होंने स्थापित की गईं कोविड हेल्प डेस्क की सूची उपलब्ध कराने के भी निर्देश दिए हैं। श्री योगी ने विशेष सचिव स्तर के अधिकारियों को जिलों में रहकर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को बेहतर करने में सम्बन्धित मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सहयोग प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि कोविड–१९ के आपदाकाल में इन अधिकारियों द्वारा किए जाने वाले कार्यों का मूल्यांकन किया जाएगा। टेस्टिंग की संख्या में लगातार वृद्धि की जाए। सर्विलांस व्यवस्था को और बेहतर करने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए विशेष सचिव स्तर के अधिकारी भेजे जा रहे हैं। सर्विलांस कार्य को मजबूत करने से मेडिकल टेस्टिंग की संख्या बढ़ाने में मदद मिलेगी।


  • हिन्दुस्तान : 21/06/2020 लखनऊ ' विशेष संवाददाता :-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनसीआर के जिलों में कोविड-19 का संक्रमण रोकने के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाकर उसे लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा जिला प्रशासन सर्विलांस सिस्टम को भी मजबूत करे। यह संक्रमण की चेन तोड़ने में सहायक होगा। डॉक्टरों की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्य करने वाले चिकित्सकों को मरीजों के उपचार संबंधी दायित्व सौंपे जाने पर भी विचार किया जाए। वह शनिवार को अपने सरकारी आवास पर उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सर्विलांस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए निगरानी समितियों की संख्या में वृद्धि की जाए। एक लाख की संख्या में निगरानी समितियां स्थापित करने से सर्विलांस व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सकता है। रैण्डम चेकिंग में वृद्धि करने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से कोविड-19 के प्रसार की सटीक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यही जानकारी कोरोना के खिलाफ जंग में कारगर रणनीति बनाने में सहायक होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अस्पतालों में प्राथमिकता के आधार पर हेल्प डेस्क स्थापित की जाए। इसके माध्यम से लोगों को संक्रमण से बचाव तथा उपचार की जानकारी मुहैया कराई जाए। अवैध प्लॉटिंग करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई हो :- मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि अनियोजित विकास की शिकायतें मिल रही हैं। अवैध प्लाटिंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कहा कि खाद्यान्न वितरण का अभियान पुन: शुरू हो गया है। यह कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ कराया जाए। सभी डीएम खाद्यान्न वितरण कार्य की प्रभावी मॉनीटरिंग करते हुए यह सुनिश्चित करें कि कोई भी जरूरतमन्द व्यक्ति खाद्यान्न से वंचित न होने पाए।
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    प्रशासनिक कामों से जुड़े डॉक्टर इलाज करें : योगी
    हिन्दुस्तान 21/06/2020
    लखनऊ ' विशेष संवाददाता :-मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एनसीआर के जिलों में कोविड-19 का संक्रमण रोकने के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाकर उसे लागू करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग, चिकित्सा शिक्षा विभाग तथा जिला प्रशासन सर्विलांस सिस्टम को भी मजबूत करे। यह संक्रमण की चेन तोड़ने में सहायक होगा। डॉक्टरों की पर्याप्त संख्या में उपलब्धता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्य करने वाले चिकित्सकों को मरीजों के उपचार संबंधी दायित्व सौंपे जाने पर भी विचार किया जाए। वह शनिवार को अपने सरकारी आवास पर उच्च स्तरीय बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सर्विलांस व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए निगरानी समितियों की संख्या में वृद्धि की जाए। एक लाख की संख्या में निगरानी समितियां स्थापित करने से सर्विलांस व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जा सकता है। रैण्डम चेकिंग में वृद्धि करने का निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इसके माध्यम से कोविड-19 के प्रसार की सटीक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यही जानकारी कोरोना के खिलाफ जंग में कारगर रणनीति बनाने में सहायक होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी अस्पतालों में प्राथमिकता के आधार पर हेल्प डेस्क स्थापित की जाए। इसके माध्यम से लोगों को संक्रमण से बचाव तथा उपचार की जानकारी मुहैया कराई जाए। अवैध प्लॉटिंग करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई हो :- मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि अनियोजित विकास की शिकायतें मिल रही हैं। अवैध प्लाटिंग करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि कहा कि खाद्यान्न वितरण का अभियान पुन: शुरू हो गया है। यह कार्य पूरी पारदर्शिता के साथ कराया जाए। सभी डीएम खाद्यान्न वितरण कार्य की प्रभावी मॉनीटरिंग करते हुए यह सुनिश्चित करें कि कोई भी जरूरतमन्द व्यक्ति खाद्यान्न से वंचित न होने पाए।


  • राष्ट्रीय सहारा : 19/06/2020 लखनऊ (एसएनबी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जून के अन्त तक कोविड अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाकर डेढ़ लाख किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा २० जून तक टेस्टिंग क्षमता को भी बढ़ाकर २० हजार टेस्ट प्रतिदिन किए जाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने ड़ीएम को ओल्ड एज होम‚ बाल गृह तथा महिला संरक्षण गृह में निवास करने वाले लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिया। मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को यहां लोक भवन में आहूत उच्च स्तरीय टीम–११ की बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना से घबराने की नहीं‚ बल्कि सावधान रहने की जरूरत है। इसलिए अनलॉक के दौरान सभी गतिविधियों में अनुशासन का पालन अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बिना मास्क कोई बाहर न निकले। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से जनता को जागरूक करने के कार्य को जारी रखने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्य में पीआरवी ११२ तथा प्रशासनिक मजिस्ट्रेटों के वाहनों का भी उपयोग किया जाए। साथ ही प्रमुख स्थलों तथा चैाराहों आदि पर भी पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग कर जागरूकता सृजित की जाए।
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    ओल्ड एज होम‚ बाल व महिला संरक्षण गृहों में रहने वालों का स्वास्थ्य परीक्षण करायें
    राष्ट्रीय सहारा 19/06/2020
    लखनऊ (एसएनबी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जून के अन्त तक कोविड अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाकर डेढ़ लाख किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा २० जून तक टेस्टिंग क्षमता को भी बढ़ाकर २० हजार टेस्ट प्रतिदिन किए जाने के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने ड़ीएम को ओल्ड एज होम‚ बाल गृह तथा महिला संरक्षण गृह में निवास करने वाले लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के निर्देश दिया। मुख्यमंत्री बृहस्पतिवार को यहां लोक भवन में आहूत उच्च स्तरीय टीम–११ की बैठक में अनलॉक व्यवस्था की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोरोना से घबराने की नहीं‚ बल्कि सावधान रहने की जरूरत है। इसलिए अनलॉक के दौरान सभी गतिविधियों में अनुशासन का पालन अत्यन्त महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित किया जाए कि बिना मास्क कोई बाहर न निकले। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से जनता को जागरूक करने के कार्य को जारी रखने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस कार्य में पीआरवी ११२ तथा प्रशासनिक मजिस्ट्रेटों के वाहनों का भी उपयोग किया जाए। साथ ही प्रमुख स्थलों तथा चैाराहों आदि पर भी पब्लिक एड्रेस सिस्टम का उपयोग कर जागरूकता सृजित की जाए।


  • हिन्दुस्तान : 18/06/2020 लखनऊ ' प्रमुख संवाददाता :- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली और इससे सटे जिलों के लिए एक समग्र नीति बनाने का अनुरोध किया है। इसमें इन क्षेत्रों में संदिग्ध व लक्षणरहित मरीजों की स्क्रीनिंग की व्यवस्था हो। इसके साथ ही कोविड-19 से संक्रमित लक्षणरहित मरीजों को कोविड अस्पतालों में रखने की अनुमति भी दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री बुधवार को अपने सरकारी आवास पर प्रधानमंत्री से मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग संवाद में यह बातें कहीं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा प्रदान किए जा रहे मार्गदर्शन के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है। केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में चिकित्सा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में बहुत मदद मिली है। प्रधानमंत्री को बताया कि यूपी में कोविड-19 के संक्रमण के पांच लाख से अधिक जांच हो चुके हैं। रोजाना लगभग 16,000 जांच हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 से संक्रमित लक्षणरहित मामलों को होम क्वारंटीन में रखने पर जरूरी अनुशासन का पालन संभव नहीं हो पा रहा है। इससे संक्रमित के परिजनों को संक्रमण के जोखिम के साथ ही, परिवार के संपर्क में आए अन्य व्यक्तियों के माध्यम से इन्फेक्शन का खतरा रहता है। इसलिए संक्रमण की चेन तोड़ने व इसके प्रसार पर नियंत्रण के लिए लक्षणरहित कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों को कोविड अस्पतालों में रखने की अनुमति देने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को यह भी बताया कि 1 लाख 21 हजार 746 टीमों द्वारा 92.1 लाख घरों का भ्रमण करके 4.70 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। यह भी बताया कि प्रदेश में लगभग 35 लाख श्रमिक, कामगार यूपी वापस लौटे हैं। इनकी स्क्रीनिंग कर उन्हें राशन किट उपलब्ध कराते हुए होम क्वारंटीन के लिए घर भेजा गया। होम क्वारंटीन में इनकी निगरानी के लिए 70,000 निगरानी समितियों का गठन किया गया हैं। श्रमिक स्पेशल रेलगाड़ियों की व्यवस्था के लिए प्रधानमंत्री व रेल मंत्री का आभार जताया। यह भी बताया कि वापस लौटे कामगारों, श्रमिकों की 80 ट्रेंड में स्किल मैपिंग कराई गई है। इनके लिए ‘उत्तर प्रदेश कामगार और श्रमिक (सेवायोजन एवं रोजगार) आयोग' का गठन किया गया है। इसने काम भी शुरू कर दिया है।
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    दिल्ली और पास के जिलों के लिए एक नीति बनाएं
    हिन्दुस्तान 18/06/2020
    लखनऊ ' प्रमुख संवाददाता :- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से दिल्ली और इससे सटे जिलों के लिए एक समग्र नीति बनाने का अनुरोध किया है। इसमें इन क्षेत्रों में संदिग्ध व लक्षणरहित मरीजों की स्क्रीनिंग की व्यवस्था हो। इसके साथ ही कोविड-19 से संक्रमित लक्षणरहित मरीजों को कोविड अस्पतालों में रखने की अनुमति भी दी जानी चाहिए। मुख्यमंत्री बुधवार को अपने सरकारी आवास पर प्रधानमंत्री से मुख्यमंत्रियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग संवाद में यह बातें कहीं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री द्वारा प्रदान किए जा रहे मार्गदर्शन के लिए उनके प्रति आभार व्यक्त किया है। केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में चिकित्सा इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने में बहुत मदद मिली है। प्रधानमंत्री को बताया कि यूपी में कोविड-19 के संक्रमण के पांच लाख से अधिक जांच हो चुके हैं। रोजाना लगभग 16,000 जांच हो रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 से संक्रमित लक्षणरहित मामलों को होम क्वारंटीन में रखने पर जरूरी अनुशासन का पालन संभव नहीं हो पा रहा है। इससे संक्रमित के परिजनों को संक्रमण के जोखिम के साथ ही, परिवार के संपर्क में आए अन्य व्यक्तियों के माध्यम से इन्फेक्शन का खतरा रहता है। इसलिए संक्रमण की चेन तोड़ने व इसके प्रसार पर नियंत्रण के लिए लक्षणरहित कोविड-19 पॉजिटिव मरीजों को कोविड अस्पतालों में रखने की अनुमति देने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को यह भी बताया कि 1 लाख 21 हजार 746 टीमों द्वारा 92.1 लाख घरों का भ्रमण करके 4.70 करोड़ लोगों की स्क्रीनिंग की जा चुकी है। यह भी बताया कि प्रदेश में लगभग 35 लाख श्रमिक, कामगार यूपी वापस लौटे हैं। इनकी स्क्रीनिंग कर उन्हें राशन किट उपलब्ध कराते हुए होम क्वारंटीन के लिए घर भेजा गया। होम क्वारंटीन में इनकी निगरानी के लिए 70,000 निगरानी समितियों का गठन किया गया हैं। श्रमिक स्पेशल रेलगाड़ियों की व्यवस्था के लिए प्रधानमंत्री व रेल मंत्री का आभार जताया। यह भी बताया कि वापस लौटे कामगारों, श्रमिकों की 80 ट्रेंड में स्किल मैपिंग कराई गई है। इनके लिए ‘उत्तर प्रदेश कामगार और श्रमिक (सेवायोजन एवं रोजगार) आयोग' का गठन किया गया है। इसने काम भी शुरू कर दिया है।

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