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  • दैनिक जागरण : 08/04/2020 राब्यू, लखनऊ : कोरोना वायरस से लंबी लड़ाई की आशंका को देखते हुए प्रदेश सरकार चिकित्सा संसाधनों को मजबूत करने में जुट गई है। इसी प्रयास के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों में कोरोना संक्रमण की जांच के लिए कोविड-19 कलेक्शन सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जिन छह मंडलों में सरकारी मेडिकल कॉलेज नहीं हैं, उन सभी मंडल मुख्यालयों में टेस्टिंग लैब बनाई जाएंगी। इन मंडलों में देवीपाटन (गोंडा), मीरजापुर, बरेली, मुरादाबाद, अलीगढ़ और वाराणसी शामिल है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 130 करोड़ भारतीय पूरी तत्परता के साथ कोरोना वायरस को समाप्त करने में जुटे हैं। इसे हम अब तक के सबसे बड़े अभियान का हिस्सा मान सकते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले 4-5 दिनों में कोरोना पॉजिटिव केसों की संख्या बढ़ी है। अभी कुल 308 केस हैं और इनमें से 168 केस तबलीगी जमात से जुड़े हुए हैं। भारत सरकार की मदद से प्रदेश में इसे हर स्तर पर रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब कोरोना का पहला पॉजिटिव केस आया, तब प्रदेश में एक भी लैब नहीं थी। वर्तमान में दस टेस्टिंग लैब चल रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ प्रदेश सरकार ने कोविड केयर फंड बनाया है। जनप्रतिनिधियों के साथ समाज के विभिन्न तबकों का इस केयर फंड को सहयोग मिल रहा है। सरकार ने तय किया है कि इस फंड का उपयोग प्रदेश में टेस्टिंग सुविधाओं और कोविड हॉस्पिटल (लेवल-1, लेवल-2 और लेवल-3) की संख्या बढ़ाने में किया जाएगा। इसके साथ ही आवश्यक चिकित्सा उपकरणों के उत्पादन की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। योगी ने कहा कि प्रदेश में 24 सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं, जिसमें से 12 मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड किया जा रहा है। इन मेडिकल कॉलेजों में नई बीएसएल-3 लैब बनाई जा रही हैं, जहां किसी भी प्रकार के वायरस की जांच के साथ-साथ रिसर्च की भी सुविधा होगी। इसके अलावा अन्य 12 मेडिकल कॉलेजों में भी कोविड-19 की टेस्टिंग लैब स्थापित की जा रही हैं। उन्होंने भरोसा जताया है कि कोरोना से लड़ाई में प्रदेश में जरूर सफलता मिलेगी।
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    सभी जिलों में बनेंगे कोविड-19 कलेक्शन सेंटर : योगी
    दैनिक जागरण 08/04/2020
    राब्यू, लखनऊ : कोरोना वायरस से लंबी लड़ाई की आशंका को देखते हुए प्रदेश सरकार चिकित्सा संसाधनों को मजबूत करने में जुट गई है। इसी प्रयास के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी जिलों में कोरोना संक्रमण की जांच के लिए कोविड-19 कलेक्शन सेंटर स्थापित करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही जिन छह मंडलों में सरकारी मेडिकल कॉलेज नहीं हैं, उन सभी मंडल मुख्यालयों में टेस्टिंग लैब बनाई जाएंगी। इन मंडलों में देवीपाटन (गोंडा), मीरजापुर, बरेली, मुरादाबाद, अलीगढ़ और वाराणसी शामिल है। मुख्यमंत्री ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 130 करोड़ भारतीय पूरी तत्परता के साथ कोरोना वायरस को समाप्त करने में जुटे हैं। इसे हम अब तक के सबसे बड़े अभियान का हिस्सा मान सकते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछले 4-5 दिनों में कोरोना पॉजिटिव केसों की संख्या बढ़ी है। अभी कुल 308 केस हैं और इनमें से 168 केस तबलीगी जमात से जुड़े हुए हैं। भारत सरकार की मदद से प्रदेश में इसे हर स्तर पर रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब कोरोना का पहला पॉजिटिव केस आया, तब प्रदेश में एक भी लैब नहीं थी। वर्तमान में दस टेस्टिंग लैब चल रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोविड-19 के खिलाफ प्रदेश सरकार ने कोविड केयर फंड बनाया है। जनप्रतिनिधियों के साथ समाज के विभिन्न तबकों का इस केयर फंड को सहयोग मिल रहा है। सरकार ने तय किया है कि इस फंड का उपयोग प्रदेश में टेस्टिंग सुविधाओं और कोविड हॉस्पिटल (लेवल-1, लेवल-2 और लेवल-3) की संख्या बढ़ाने में किया जाएगा। इसके साथ ही आवश्यक चिकित्सा उपकरणों के उत्पादन की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। योगी ने कहा कि प्रदेश में 24 सरकारी मेडिकल कॉलेज हैं, जिसमें से 12 मेडिकल कॉलेजों को अपग्रेड किया जा रहा है। इन मेडिकल कॉलेजों में नई बीएसएल-3 लैब बनाई जा रही हैं, जहां किसी भी प्रकार के वायरस की जांच के साथ-साथ रिसर्च की भी सुविधा होगी। इसके अलावा अन्य 12 मेडिकल कॉलेजों में भी कोविड-19 की टेस्टिंग लैब स्थापित की जा रही हैं। उन्होंने भरोसा जताया है कि कोरोना से लड़ाई में प्रदेश में जरूर सफलता मिलेगी।


  • राष्ट्रीय सहारा : 07/04/2020 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आपदा की स्थिति में कन्ट्रोल रूम राहत कार्यों का बैकबोन होता है और ऐसे में आवश्यक सुविधाएं व शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में इनकी अहम भूमिका है। योगी सोमवार को यहां लाल बहादुर शास्त्री भवन (एनेक्सी) में राहत आयुक्त कार्यालय में स्थापित एकीकृत आपदा नियन्त्रण केन्द्र‚ जियो स्पेशल बेस्ड़ मोबाइल अप्लीकेशन‚ जियो पोर्टल फार कम्युनिटी किचेन और शेल्टर होम का उद्घाटन करने के पश्चात अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में कन्ट्रोल रूम राहत कार्यों का बैकबोन होता है। लॉकडाउन के मद्देनजर सभी जिलाधिकारी अपने–अपने जिले के कन्ट्रोल रूम में एक जिम्मेदार नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर २४ घंटे इसका संचालन सुनिश्चित कराएं। कन्ट्रोल रूम के माध्यम से त्वरित गति से राहत कार्यक्रम संचालित कराया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन तक क्वारंटाइन वॉर्ड‚ इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन‚ आइसोलेशन वॉर्ड‚ लेवल–१‚ लेवल–२‚ लेवल–३ के कोविड अस्पतालों की जानकारी तथा जरूरतमंदों तक फूड पैकेट आदि पहुंचाने में कन्ट्रोल रूम का बेहतर ढंग से उपयोग किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के विरुद्ध संचालित अभियान में बिना किसी भेदभाव के हर जरूरतमंद तक आवश्यक सुविधाएं व शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में कन्ट्रोल रूम की बड़ी भूमिका है। बहुत कम समय में एकीकृत कन्ट्रोल रूम के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों को जोड़ने के लिए उन्होंने राजस्व विभाग की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि कन्ट्रोल रूम में एक–एक सूचना को प्राप्त कर संकलित किया जाए। सूचना को सही व्यक्ति तक पहुंचाने के साथ ही उसका समाधान भी सुनिश्चित कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कन्ट्रोल रूम के लोकार्पण के पश्चात आगरा और गोरखपुर में स्थापित कन्ट्रोल रूम‚ मेरठ में स्थापित कम्युनिटी किचेन तथा यूपी कोविड केयर फण्ड में रु. ५१००० दान करने वाले आशुतोष त्रिपाठी से संवाद भी किया। कार्यक्रम के दौरान अपर मुख्य सचिव राजस्व ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि राहत आयुक्त कार्यालय में स्थापित एकीकृत नियन्त्रण केन्द्र राज्य स्तरीय विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के साथ जुड़कर कोविड–१९ महामारी की रोकथाम एवं राहत से संबंधित सूचनाएं एकीकृत रूप से प्राप्त करेगा। एकीकृत आपदा नियन्त्रण केन्द्र को शीघ्र ही प्रदेश की अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं यथा–११२‚ १०७६‚ १०९०‚ १०८‚ १०२ आदि से जोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि एकीकृत आपदा नियन्त्रण केन्द्र में राहत टोल–फ्री नम्बर–१०७० स्थापित किया गया है। यह चौबीस घंटे कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि एकीकृत आपदा नियन्त्रण केन्द्र पर जिलों में कार्यरत अधिकारियों के साथ वीडियो मीटिंग के माध्यम से बैठक किये जाने की व्यवस्था भी की गयी है। जीपीएस लोकेशन एवं फोटोग्राफ एकत्र करने के लिए रिमोट सेंसिंग अप्लीकेशन सेंटर भारत सरकार के सहयोग से ‘राज्य आपदा कोविड–१९' नाम से एक मोबाइल एप विकसित किया गया है । इस अवसर पर मुख्य सचिव आरके तिवारी‚ कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा‚ अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी‚ प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल तथा संजय प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
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    राहत कार्यों का 'बैकबोन‘ है कन्ट्रोल रूमः सीएम
    राष्ट्रीय सहारा 07/04/2020
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि आपदा की स्थिति में कन्ट्रोल रूम राहत कार्यों का बैकबोन होता है और ऐसे में आवश्यक सुविधाएं व शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में इनकी अहम भूमिका है। योगी सोमवार को यहां लाल बहादुर शास्त्री भवन (एनेक्सी) में राहत आयुक्त कार्यालय में स्थापित एकीकृत आपदा नियन्त्रण केन्द्र‚ जियो स्पेशल बेस्ड़ मोबाइल अप्लीकेशन‚ जियो पोर्टल फार कम्युनिटी किचेन और शेल्टर होम का उद्घाटन करने के पश्चात अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आपदा की स्थिति में कन्ट्रोल रूम राहत कार्यों का बैकबोन होता है। लॉकडाउन के मद्देनजर सभी जिलाधिकारी अपने–अपने जिले के कन्ट्रोल रूम में एक जिम्मेदार नोडल अधिकारी की नियुक्ति कर २४ घंटे इसका संचालन सुनिश्चित कराएं। कन्ट्रोल रूम के माध्यम से त्वरित गति से राहत कार्यक्रम संचालित कराया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन तक क्वारंटाइन वॉर्ड‚ इंस्टीट्यूशनल क्वारंटाइन‚ आइसोलेशन वॉर्ड‚ लेवल–१‚ लेवल–२‚ लेवल–३ के कोविड अस्पतालों की जानकारी तथा जरूरतमंदों तक फूड पैकेट आदि पहुंचाने में कन्ट्रोल रूम का बेहतर ढंग से उपयोग किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कोरोना के विरुद्ध संचालित अभियान में बिना किसी भेदभाव के हर जरूरतमंद तक आवश्यक सुविधाएं व शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने में कन्ट्रोल रूम की बड़ी भूमिका है। बहुत कम समय में एकीकृत कन्ट्रोल रूम के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों को जोड़ने के लिए उन्होंने राजस्व विभाग की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि कन्ट्रोल रूम में एक–एक सूचना को प्राप्त कर संकलित किया जाए। सूचना को सही व्यक्ति तक पहुंचाने के साथ ही उसका समाधान भी सुनिश्चित कराया जाए। मुख्यमंत्री ने कन्ट्रोल रूम के लोकार्पण के पश्चात आगरा और गोरखपुर में स्थापित कन्ट्रोल रूम‚ मेरठ में स्थापित कम्युनिटी किचेन तथा यूपी कोविड केयर फण्ड में रु. ५१००० दान करने वाले आशुतोष त्रिपाठी से संवाद भी किया। कार्यक्रम के दौरान अपर मुख्य सचिव राजस्व ने मुख्यमंत्री को अवगत कराया कि राहत आयुक्त कार्यालय में स्थापित एकीकृत नियन्त्रण केन्द्र राज्य स्तरीय विभिन्न महत्वपूर्ण विभागों के साथ जुड़कर कोविड–१९ महामारी की रोकथाम एवं राहत से संबंधित सूचनाएं एकीकृत रूप से प्राप्त करेगा। एकीकृत आपदा नियन्त्रण केन्द्र को शीघ्र ही प्रदेश की अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं यथा–११२‚ १०७६‚ १०९०‚ १०८‚ १०२ आदि से जोड़ा जायेगा। उन्होंने कहा कि एकीकृत आपदा नियन्त्रण केन्द्र में राहत टोल–फ्री नम्बर–१०७० स्थापित किया गया है। यह चौबीस घंटे कार्यरत हैं। उन्होंने कहा कि एकीकृत आपदा नियन्त्रण केन्द्र पर जिलों में कार्यरत अधिकारियों के साथ वीडियो मीटिंग के माध्यम से बैठक किये जाने की व्यवस्था भी की गयी है। जीपीएस लोकेशन एवं फोटोग्राफ एकत्र करने के लिए रिमोट सेंसिंग अप्लीकेशन सेंटर भारत सरकार के सहयोग से ‘राज्य आपदा कोविड–१९' नाम से एक मोबाइल एप विकसित किया गया है । इस अवसर पर मुख्य सचिव आरके तिवारी‚ कृषि उत्पादन आयुक्त आलोक सिन्हा‚ अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी‚ प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल तथा संजय प्रसाद सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।


  • दैनिक जागरण : 06/04/2020 राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सांसदों से अनुरोध किया कि सोशल मीडिया, टेलीफोन आदि के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों के खाते उपलब्ध कराने में सहयोग करें। योगी ने कहा कि लॉकडाउन लागू होने के बाद अन्य राज्यों से आए प्रदेशवासियों में अधिकतर लोगों के पास राशन कार्ड उपलब्ध नहीं है। इनकी बैंक खाता संख्या भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने सांसदों से ऐसे प्रदेशवासियों के राशन कार्ड बनवाने में सहयोग करने और इनकी खाता संख्या प्राप्त कर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ने गरीब कल्याण योजना के तहत एक लाख 70 हजार करोड़ रुपये का राहत पैकेज घोषित किया है। यह किसी भी सरकार द्वारा घोषित सबसे बड़ी राहत धनराशि है। राज्य सरकार ने भी इसी प्रकार प्रदेश के गरीबों की राहत पहुंचाने के लिए कई कदम उठाए हैं। सहयोग की अपील: मुख्यमंत्री ने सांसदों से कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि लॉजिस्टिक्स यथा वेंटिलेटर्स, पीपीई किट, एन-95 मास्क, टिपल लेयर मास्क आदि का निर्माण प्रदेश में ही किया जा सके, इसके लिए एक कोष का गठन किया गया है। विधायक व अन्य संस्थाओं द्वारा योगदान भी किया जा रहा है।
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    गरीबों को राहत पहुंचाने में सभी करें सहयोग : योगी
    दैनिक जागरण 06/04/2020
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सांसदों से अनुरोध किया कि सोशल मीडिया, टेलीफोन आदि के माध्यम से ऐसे व्यक्तियों के खाते उपलब्ध कराने में सहयोग करें। योगी ने कहा कि लॉकडाउन लागू होने के बाद अन्य राज्यों से आए प्रदेशवासियों में अधिकतर लोगों के पास राशन कार्ड उपलब्ध नहीं है। इनकी बैंक खाता संख्या भी उपलब्ध नहीं है। उन्होंने सांसदों से ऐसे प्रदेशवासियों के राशन कार्ड बनवाने में सहयोग करने और इनकी खाता संख्या प्राप्त कर जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ने गरीब कल्याण योजना के तहत एक लाख 70 हजार करोड़ रुपये का राहत पैकेज घोषित किया है। यह किसी भी सरकार द्वारा घोषित सबसे बड़ी राहत धनराशि है। राज्य सरकार ने भी इसी प्रकार प्रदेश के गरीबों की राहत पहुंचाने के लिए कई कदम उठाए हैं। सहयोग की अपील: मुख्यमंत्री ने सांसदों से कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि लॉजिस्टिक्स यथा वेंटिलेटर्स, पीपीई किट, एन-95 मास्क, टिपल लेयर मास्क आदि का निर्माण प्रदेश में ही किया जा सके, इसके लिए एक कोष का गठन किया गया है। विधायक व अन्य संस्थाओं द्वारा योगदान भी किया जा रहा है।


  • राष्ट्रीय सहारा : 05/04/2020 सहारा न्यूज ब्यूरो, लखनऊ :- प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए लागू किए गए लॉकड़ाउन के दौरान हर जरूरतमंद को बिना भेदभाव के समय से भोजन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में अब तक सामुदायिक रसोई शुरू नहीं हुई है‚ मुख्य सचिव वहां के जिलाधिकारी से बात कर भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। योगी ने कहा कि इसके साथ ही सम्बन्धित ड़ीएम की जवाबदेही भी तय की जाए और उन्हें भी ऐसे ड़ीएम की सूची उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि भोजन वितरण कार्य में गांवों में प्रधानों के अलावा नगर निकायों में पार्षदों और अन्य कर्मचारियों की भी मदद ली जाए और एलपीजी सिलेंड़र‚ दवा एवं जरूरी सामान हर किसी को मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने शनिवार को यहां अपने आवास पर कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए बनी ११ समितियों के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कहा कि नियंत्रण कक्ष में अगर कोई फोन नहीं उठा रहा है‚ तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाए। जिला आपूर्ति अधिकारी को निर्देश दें कि अगर कोई राशन न मिलने की शिकायत करता है तो तुरंत उसका राशनकार्ड़ बनाने के साथ राशन और रु. १००० की मदद उस तक पहुंचाएं। सीएम हेल्पलाइन नंबर पर जिन जिलों की शिकायतें सर्वाधिक आ रही हैं‚ उनकी खुद निगरानी करने के साथ–साथ उनकी सूची भी मुझे उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि बंद के बावजूद सामाजिक दूरी के मानकों का जान–बूझकर उल्लंघन करना या अराजकता फैलाना सोची–समझी साजिश है। ऐसे लोगों के साथ बेहद सख्ती से पेश आएं। तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हर किसी की धर–पकड़़ करें। सबके मोबाइल जब्त कर कॉल डि़टेल की जांच करें। उनके सामान की भी बारीकी से जांच करें। कुछ भी आपत्तिजनक मिलने पर उसे जब्त कर लें। उन्होंने कहा कि जिन जगहों पर ऐसे लोग ठहरे हैं‚ वहां की सफाई पर विशेष ध्यान दें। मुख्यमंत्री ने लॉकड़ाउन खुलने के बाद की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि लॉकड़ाउन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़़ने वाले असर की भरपाई के लिए अभी से राज्य‚ जिला स्तरीय बैंकरों से बात कर रणनीति तैयार करें। इसी तरह रोजगार मेला‚ विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना‚ एक जिला– एक उत्पाद और माटी कला बोर्ड़ आदि के जरिए क्या किया जा सकता है‚ इसकी भी रणनीति बना लें‚ ताकि हालात सामान्य होते ही इन पर अमल किया जा सके।
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    कोई रहे न भूखा ड़ीएम करें सुनिश्चित
    राष्ट्रीय सहारा 05/04/2020
    सहारा न्यूज ब्यूरो, लखनऊ :- प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि कोरोना वायरस से निपटने के लिए लागू किए गए लॉकड़ाउन के दौरान हर जरूरतमंद को बिना भेदभाव के समय से भोजन मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन जिलों में अब तक सामुदायिक रसोई शुरू नहीं हुई है‚ मुख्य सचिव वहां के जिलाधिकारी से बात कर भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित कराएं। योगी ने कहा कि इसके साथ ही सम्बन्धित ड़ीएम की जवाबदेही भी तय की जाए और उन्हें भी ऐसे ड़ीएम की सूची उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने कहा कि भोजन वितरण कार्य में गांवों में प्रधानों के अलावा नगर निकायों में पार्षदों और अन्य कर्मचारियों की भी मदद ली जाए और एलपीजी सिलेंड़र‚ दवा एवं जरूरी सामान हर किसी को मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने शनिवार को यहां अपने आवास पर कोरोना संक्रमण से निपटने के लिए बनी ११ समितियों के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कहा कि नियंत्रण कक्ष में अगर कोई फोन नहीं उठा रहा है‚ तो उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की जाए। जिला आपूर्ति अधिकारी को निर्देश दें कि अगर कोई राशन न मिलने की शिकायत करता है तो तुरंत उसका राशनकार्ड़ बनाने के साथ राशन और रु. १००० की मदद उस तक पहुंचाएं। सीएम हेल्पलाइन नंबर पर जिन जिलों की शिकायतें सर्वाधिक आ रही हैं‚ उनकी खुद निगरानी करने के साथ–साथ उनकी सूची भी मुझे उपलब्ध कराएं। उन्होंने कहा कि बंद के बावजूद सामाजिक दूरी के मानकों का जान–बूझकर उल्लंघन करना या अराजकता फैलाना सोची–समझी साजिश है। ऐसे लोगों के साथ बेहद सख्ती से पेश आएं। तब्लीगी जमात के कार्यक्रम में शामिल हर किसी की धर–पकड़़ करें। सबके मोबाइल जब्त कर कॉल डि़टेल की जांच करें। उनके सामान की भी बारीकी से जांच करें। कुछ भी आपत्तिजनक मिलने पर उसे जब्त कर लें। उन्होंने कहा कि जिन जगहों पर ऐसे लोग ठहरे हैं‚ वहां की सफाई पर विशेष ध्यान दें। मुख्यमंत्री ने लॉकड़ाउन खुलने के बाद की कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि लॉकड़ाउन से प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पड़़ने वाले असर की भरपाई के लिए अभी से राज्य‚ जिला स्तरीय बैंकरों से बात कर रणनीति तैयार करें। इसी तरह रोजगार मेला‚ विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना‚ एक जिला– एक उत्पाद और माटी कला बोर्ड़ आदि के जरिए क्या किया जा सकता है‚ इसकी भी रणनीति बना लें‚ ताकि हालात सामान्य होते ही इन पर अमल किया जा सके।


  • हिन्दुस्तान : 04/04/2020 लखनऊ । विशेष संवाददाता :- कोरोना वायरस की महामारी से सबक लेते हुए प्रदेश सरकार ने अपने सभी सरकारी अस्पतालों में ऐसी बीमारियों की समुचित जांच के लिए टेस्टिंग लैब स्थापित करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में कहा कि पहले हमारे पास सिर्फ केजीएमयू में एक टेस्टिंग लैब थी, अब हमारे पास सात नई टेस्टिंग लैब प्रदेश में स्थापित हो चुकी हैं। हमारा प्रयास है कि आगामी कुछ महीनों में प्रदेश के सभी 24 सरकारी हॉस्पिटल में टेस्टिंग लैब स्थापित हो जाएंगी। जरूरतमंदों तक भोजन पहंुचाने में संस्थाओं की मदद लें: सीएम योगी ने शुक्रवार को बैठक कर टीम-11 के ऑफिसर्स के साथ लॉक डाउन के खुलने की स्थिति की चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंद तक समय से भोजन पहुंचाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं की भी मदद लें। एनसीसी और एनएसएस कैडेटों को भी लगाएं: मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें दो स्तर पर तैयारी करनी होगी। मौजूदा हालात और भविष्य के मद्देनजर रणनीति तैयार करें। हर जिले में कम्यूनिटी किचन चलाएं। इसमें स्वयंसेवी संस्थाओं सहित अन्य जो लोग भी मदद देना चाहें उनकी मदद लें। हर कोई भोजन बांटने न निकले। इसके लिए कुछ कलेक्शन सेंटर बनाएं। भविष्य की तैयारियों के मद्देनजर एनएसएस, एनसीसी, स्काउट्स और युवक मंगल दल में से वालंटियर तैयार करें।
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    प्रदेश के हर जिला अस्पताल में बनेगी टेस्टिंग लैब : मुख्यमंत्री
    हिन्दुस्तान 04/04/2020
    लखनऊ । विशेष संवाददाता :- कोरोना वायरस की महामारी से सबक लेते हुए प्रदेश सरकार ने अपने सभी सरकारी अस्पतालों में ऐसी बीमारियों की समुचित जांच के लिए टेस्टिंग लैब स्थापित करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में कहा कि पहले हमारे पास सिर्फ केजीएमयू में एक टेस्टिंग लैब थी, अब हमारे पास सात नई टेस्टिंग लैब प्रदेश में स्थापित हो चुकी हैं। हमारा प्रयास है कि आगामी कुछ महीनों में प्रदेश के सभी 24 सरकारी हॉस्पिटल में टेस्टिंग लैब स्थापित हो जाएंगी। जरूरतमंदों तक भोजन पहंुचाने में संस्थाओं की मदद लें: सीएम योगी ने शुक्रवार को बैठक कर टीम-11 के ऑफिसर्स के साथ लॉक डाउन के खुलने की स्थिति की चर्चा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जरूरतमंद तक समय से भोजन पहुंचाने के लिए स्वयंसेवी संस्थाओं की भी मदद लें। एनसीसी और एनएसएस कैडेटों को भी लगाएं: मुख्यमंत्री ने कहा कि हमें दो स्तर पर तैयारी करनी होगी। मौजूदा हालात और भविष्य के मद्देनजर रणनीति तैयार करें। हर जिले में कम्यूनिटी किचन चलाएं। इसमें स्वयंसेवी संस्थाओं सहित अन्य जो लोग भी मदद देना चाहें उनकी मदद लें। हर कोई भोजन बांटने न निकले। इसके लिए कुछ कलेक्शन सेंटर बनाएं। भविष्य की तैयारियों के मद्देनजर एनएसएस, एनसीसी, स्काउट्स और युवक मंगल दल में से वालंटियर तैयार करें।


  • दैनिक जागरण : 03/04/2020 राज्य ब्यूरो, लखनऊ : कोरोना के प्रभाव और लॉकडाउन की समीक्षा लगातार कर रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उच्चस्तरीय बैठक में फिलहाल सबसे ज्यादा चिंता तब्लीगी जमात को लेकर ही है। दिल्ली के आयोजन से सतर्क मुख्यमंत्री ने टीम-11 की बैठक में सख्त निर्देश दिए कि सावर्जनिक स्थल पर नमाज कतई न पढ़ने दी जाए। इसके अलावा जो भी जमाती पुलिस या स्वास्थ्य कर्मियों के साथ असहयोग या बदसलूकी करें, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए गठित ग्यारह कमेटियों के शीर्ष अधिकारियों (टीम-11) के साथ बैठक की। इसमें योगी ने लॉकडाउन का सौ फीसद पालन कराने की हिदायत दी। योगी ने कहा कि पुलिसकर्मी संवेदनशीलता के साथ लोगों को समझाएं और कानून का पालन न करने पर वैधानिक कार्रवाई करें। योगी ने कहा कि तब्लीगी जमात से लौटे हर व्यक्ति को हर हाल में ढूंढ निकाला जाए। उसकी पूरी निगरानी हो। जो विदेशी हैं, उनके पासपोर्ट जब्त कर जांच करें। कानून तोड़ा है तो एनडीआरएफ एक्ट के तहत कार्रवाई करें।
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    सार्वजनिक स्थल पर न पढ़ने दी जाए नमाज
    दैनिक जागरण 03/04/2020
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : कोरोना के प्रभाव और लॉकडाउन की समीक्षा लगातार कर रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उच्चस्तरीय बैठक में फिलहाल सबसे ज्यादा चिंता तब्लीगी जमात को लेकर ही है। दिल्ली के आयोजन से सतर्क मुख्यमंत्री ने टीम-11 की बैठक में सख्त निर्देश दिए कि सावर्जनिक स्थल पर नमाज कतई न पढ़ने दी जाए। इसके अलावा जो भी जमाती पुलिस या स्वास्थ्य कर्मियों के साथ असहयोग या बदसलूकी करें, उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने सरकारी आवास पर विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए गठित ग्यारह कमेटियों के शीर्ष अधिकारियों (टीम-11) के साथ बैठक की। इसमें योगी ने लॉकडाउन का सौ फीसद पालन कराने की हिदायत दी। योगी ने कहा कि पुलिसकर्मी संवेदनशीलता के साथ लोगों को समझाएं और कानून का पालन न करने पर वैधानिक कार्रवाई करें। योगी ने कहा कि तब्लीगी जमात से लौटे हर व्यक्ति को हर हाल में ढूंढ निकाला जाए। उसकी पूरी निगरानी हो। जो विदेशी हैं, उनके पासपोर्ट जब्त कर जांच करें। कानून तोड़ा है तो एनडीआरएफ एक्ट के तहत कार्रवाई करें।


  • दैनिक जागरण : 02/04/2020 राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन तबलीगी जमातियों पर नजरें टेढीं की हैं जिन्होंने लॉकडाउन का अनुशासन भंग कर देश-प्रदेश में संकट बढ़ा दिया। योगी ने कहा कि मानवता के खिलाफ साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसा करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। बुधवार सुबह अपने सरकारी आवास पर टीम-11 के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने कोरोना के संक्रमण और लॉकडाउन की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि जमात से वापस आए लोगों की युद्ध स्तर पर तलाश करके उनकी पड़ताल की जाए। जिन लोगों ने तथ्यों को छुपाया है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। विदेश से जमात में आए लोगों के वीजा जब्त कर लिए जाएं और यह सुनिश्चित कराया जाए कि उनकी गलतियों का खामियाजा आम लोगों को न भुगतना पड़े। गरीबों को मुफ्त राशन बांटने की प्रक्रिया बुधवार को शुरू कर दी गई। योगी ने वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। कहा कि इतनी बड़ी संख्या में हेल्थ प्रोटोकोल के साथ गरीबों को मुफ्त राशन बांटने के मामले में उत्तरप्रदेश पहला प्रदेश बनने जा रहा है। इसके साथ ही हर गरीब, जरूरतमंद और श्रमिक तक सरकार की तरफ से दिया जा रहा एक हजार रुपया जल्द पहुंच जाए। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में लगे वाहनों को रोका न जाए। अनाज के सरकारी गोदाम जरूरतमंदों के लिए 24 घंटे खुले रहने चाहिए।
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    मानवता के खिलाफ साजिश बर्दाश्त नहीं
    दैनिक जागरण 02/04/2020
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन तबलीगी जमातियों पर नजरें टेढीं की हैं जिन्होंने लॉकडाउन का अनुशासन भंग कर देश-प्रदेश में संकट बढ़ा दिया। योगी ने कहा कि मानवता के खिलाफ साजिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसा करने वाले बख्शे नहीं जाएंगे। बुधवार सुबह अपने सरकारी आवास पर टीम-11 के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक में मुख्यमंत्री ने कोरोना के संक्रमण और लॉकडाउन की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि जमात से वापस आए लोगों की युद्ध स्तर पर तलाश करके उनकी पड़ताल की जाए। जिन लोगों ने तथ्यों को छुपाया है, उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। विदेश से जमात में आए लोगों के वीजा जब्त कर लिए जाएं और यह सुनिश्चित कराया जाए कि उनकी गलतियों का खामियाजा आम लोगों को न भुगतना पड़े। गरीबों को मुफ्त राशन बांटने की प्रक्रिया बुधवार को शुरू कर दी गई। योगी ने वितरण व्यवस्था का जायजा लिया। कहा कि इतनी बड़ी संख्या में हेल्थ प्रोटोकोल के साथ गरीबों को मुफ्त राशन बांटने के मामले में उत्तरप्रदेश पहला प्रदेश बनने जा रहा है। इसके साथ ही हर गरीब, जरूरतमंद और श्रमिक तक सरकार की तरफ से दिया जा रहा एक हजार रुपया जल्द पहुंच जाए। आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में लगे वाहनों को रोका न जाए। अनाज के सरकारी गोदाम जरूरतमंदों के लिए 24 घंटे खुले रहने चाहिए।

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  • बूचड़ खाना बंद करने पर धन्यावाद

    राजेश patodi हम यह चाहते हे की यह नियम पुरे भारत देश शक्ति से लागु किया जाये हम आशा करते हे की आप की यह मेहनत जरूर रंग लाएगी जय हिन्द जय भारत ,राजेश पटौदी म.प. इंदौर
  • शिक्षा

    अभिशेष एक अपील मोदी जी और योगी जी से की प्राइवेट स्कूल की फीस पर कोई लगाम नहीं है और उनके स्कूल मे पढ़ाया जाने वाला कोर्स बाजार भाव से पांच गुना दामों मे बेचा जा रहा है । आपसे निवेदन है कि इन दोनों बातो पर अपना ध्यान दे ।
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