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  • राष्ट्रीय सहारा : 24/08/2019 गोरखपुर (एसएनबी)। शुक्रवार को गोरखनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई गई। मंदिर का कोना-कोना आस्था और भक्ति से सराबोर रहा। दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार का पूरा माहौल श्रीकृष्णमय रहा। हर तरफ कन्हैया ही कन्हैया नजर आ रहे थे। श्रीकृष्ण का रूप धारण किये बच्चे सभी को लुभा रहे थे। लोग अपलक उन्हें निहारते रहे। सोहर और भजनों का श्रोताओं ने आनंद उठाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रात में गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने अर्धरात्रि को गर्भ गृह में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद मुख्यमंत्री बाल गोपाल को लेकर गर्भ गृह से बाहर आये और उन्हें झूले में रखकर देर तक झुलाया। योगी ने वहां उपस्थित लोगों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बधाई देते हुए लोगों के लोकमंगल की कामना की। मुख्यमंत्री ने कृष्ण बने छोटे बच्चों को अपनी गोद में लेकर दुलारा। श्रीकृष्ण का रूप धारण किये बच्चों ने मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाया तथा सेल्फी भी ली। गोरखनाथ मंदिर के राधा-कृष्ण मंदिर में शुक्रवार को अखंड हरि कीर्तन भी शुरू हुआ। कीर्तन की पूर्णाहुति शनिवार को होगी। पूर्णाहुति के बाद प्रसाद का वितरण किया जाएगा।प्रधान पुरोहित रामानुज त्रिपाठी ने गर्भ गृह में कान्हा की विधि-विधान से पूजा कराया। लोक गायक राकेश श्रीवास्तव और उनकी टीम ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भजन व सोहर प्रस्तुत किया। जय कन्हैया लाल की भजन से राकेश श्रीवास्तव ने शुरुआत की। उनकी प्रस्तुतियों में लोग खो से गये। इसके बाद नूपुर, विभा, अर्पिता, अवंतिका दुबे, स्वीटी व अनीता ने सांस्कृतिक कार्यक्रम को परवान तक पहुंचाया। संदीप पांडेय ने अपनी टीम के साथ नृत्य नाटिका की प्रस्तुतिकी। वाराणसी से आई उपासना ने शिव स्त्रोत और कृष्ण लीला पर आधारित नृत्य नाटिका को लोगों ने तालियां बजा कर खूब सराहा। रीना सिंह, सनाया गुप्ता और उनकी टीम ने भाव नृत्य से सभी का ध्यान खींचा। भोजपुरी भजनों से मनीष पांडेय ने लोगों को रिझाया। कार्यक्रम का संचालन शिवेंद्र पांडेय ने किया। इस अवसर पर महापौर सीताराम जायसवाल, गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी कमलनाथ, द्वारिका तिवारी, अरुणोश शाही, मोती लाल सिंह, दिव्य सिंह, विनय गौतम आदि की उपस्थिति रही।श्रीकृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता आयोजितजन्माष्टमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। प्रतियोगिता का हिस्सा बनने के लिए बच्चे अपने माता-पिता के साथ गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। प्रतियोगिता दो वर्ग में आयोजित हुई। कान्हा वर्ग में गौरी पहले, ख्याति गुप्ता दूसरे तथा हर्षित सागर तीसरे स्थान पर रहे। नव्या, आदविक, अभय मिश्रा, विद्यांश श्रीवास्तव, धात्री श्रीवास्तव आदि को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। गोपाल वर्ग में रेयांश, अवनीश और कनिष्का हरि क्रमश: पहले, दूसरे व तीसरे तीसरे स्थान पर रहे। शिवा, प्राची, दृष्टि, हृदयांश, आराध्या व प्रत्यूश को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। अशोक महर्षि, रवींद्र रंगधर और सारिका श्रीवास्तव ने निर्णायक की भूमिका का निर्वहन किया। प्रतिभागी विजेताओं को प्रमाण पत्र देकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका उत्साहवर्धन किया।
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    मुख्यमंत्री ने कन्हैया को झुलाया झूला
    राष्ट्रीय सहारा 24/08/2019
    गोरखपुर (एसएनबी)। शुक्रवार को गोरखनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी मनाई गई। मंदिर का कोना-कोना आस्था और भक्ति से सराबोर रहा। दिग्विजयनाथ स्मृति सभागार का पूरा माहौल श्रीकृष्णमय रहा। हर तरफ कन्हैया ही कन्हैया नजर आ रहे थे। श्रीकृष्ण का रूप धारण किये बच्चे सभी को लुभा रहे थे। लोग अपलक उन्हें निहारते रहे। सोहर और भजनों का श्रोताओं ने आनंद उठाया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रात में गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने अर्धरात्रि को गर्भ गृह में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना की। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के बाद मुख्यमंत्री बाल गोपाल को लेकर गर्भ गृह से बाहर आये और उन्हें झूले में रखकर देर तक झुलाया। योगी ने वहां उपस्थित लोगों को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की बधाई देते हुए लोगों के लोकमंगल की कामना की। मुख्यमंत्री ने कृष्ण बने छोटे बच्चों को अपनी गोद में लेकर दुलारा। श्रीकृष्ण का रूप धारण किये बच्चों ने मुख्यमंत्री के साथ फोटो खिंचवाया तथा सेल्फी भी ली। गोरखनाथ मंदिर के राधा-कृष्ण मंदिर में शुक्रवार को अखंड हरि कीर्तन भी शुरू हुआ। कीर्तन की पूर्णाहुति शनिवार को होगी। पूर्णाहुति के बाद प्रसाद का वितरण किया जाएगा।प्रधान पुरोहित रामानुज त्रिपाठी ने गर्भ गृह में कान्हा की विधि-विधान से पूजा कराया। लोक गायक राकेश श्रीवास्तव और उनकी टीम ने सांस्कृतिक कार्यक्रम में भजन व सोहर प्रस्तुत किया। जय कन्हैया लाल की भजन से राकेश श्रीवास्तव ने शुरुआत की। उनकी प्रस्तुतियों में लोग खो से गये। इसके बाद नूपुर, विभा, अर्पिता, अवंतिका दुबे, स्वीटी व अनीता ने सांस्कृतिक कार्यक्रम को परवान तक पहुंचाया। संदीप पांडेय ने अपनी टीम के साथ नृत्य नाटिका की प्रस्तुतिकी। वाराणसी से आई उपासना ने शिव स्त्रोत और कृष्ण लीला पर आधारित नृत्य नाटिका को लोगों ने तालियां बजा कर खूब सराहा। रीना सिंह, सनाया गुप्ता और उनकी टीम ने भाव नृत्य से सभी का ध्यान खींचा। भोजपुरी भजनों से मनीष पांडेय ने लोगों को रिझाया। कार्यक्रम का संचालन शिवेंद्र पांडेय ने किया। इस अवसर पर महापौर सीताराम जायसवाल, गोरखनाथ मंदिर के प्रधान पुजारी कमलनाथ, द्वारिका तिवारी, अरुणोश शाही, मोती लाल सिंह, दिव्य सिंह, विनय गौतम आदि की उपस्थिति रही।श्रीकृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता आयोजितजन्माष्टमी के अवसर पर गोरखनाथ मंदिर में श्रीकृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। प्रतियोगिता का हिस्सा बनने के लिए बच्चे अपने माता-पिता के साथ गोरखनाथ मंदिर पहुंचे। प्रतियोगिता दो वर्ग में आयोजित हुई। कान्हा वर्ग में गौरी पहले, ख्याति गुप्ता दूसरे तथा हर्षित सागर तीसरे स्थान पर रहे। नव्या, आदविक, अभय मिश्रा, विद्यांश श्रीवास्तव, धात्री श्रीवास्तव आदि को सांत्वना पुरस्कार प्रदान किया गया। गोपाल वर्ग में रेयांश, अवनीश और कनिष्का हरि क्रमश: पहले, दूसरे व तीसरे तीसरे स्थान पर रहे। शिवा, प्राची, दृष्टि, हृदयांश, आराध्या व प्रत्यूश को सांत्वना पुरस्कार दिया गया। अशोक महर्षि, रवींद्र रंगधर और सारिका श्रीवास्तव ने निर्णायक की भूमिका का निर्वहन किया। प्रतिभागी विजेताओं को प्रमाण पत्र देकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका उत्साहवर्धन किया।


  • राष्ट्रीय सहारा : 23/08/2019 गोरखपुर(एसएनबी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए केवल डिग्री ही पर्याप्त नहीं है। एक विस्तृत दुनिया में बहुत कुछ सीखने का अवसर होता है जिसमें डिग्री सहायक होती है। डिग्री पाकर सिर्फ नौकरी के पीछे न भागें बल्कि समाज के उत्थान में छात्र-छात्राओं की क्या भूमिका हो सकती है इसका भी चिंतन करें और अपनी डिग्री की सार्थकता को भी प्रमाणित करें। जीवन सीखने का नाम है और हर व्यक्ति अपने जीवन में उदाहरण बन सकता है। तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करके ही लक्ष्य हासिल किया जा सकता है तथा बड़े पैमाने पर व्याप्त भ्रष्टाचार को रोका जा सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को एमएमएमटीयू में आयोजित दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का गोरखपुर की धरती पर प्रथम आगमन के लिए अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने इंफोसिस के संस्थापक को डीएससी की मानक उपाधि मिलने पर बधाई दी एवं सभी छात्र-छात्राओं को डिग्री प्राप्त करने के लिए भी बधाई दी।2024 तक लक्ष्य है ’घर-घर नल‘‘ : मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी संस्थान की जिम्मेदारी बनती है कि तकनीक का बेहतर उपयोग करके जागरूकता लाये। सरकार का लक्ष्य है कि 2024 तक ‘‘घर-घर नल’ लाने की योजना को लागू करने का। जिसमें एमएमएमयूटी की जिम्मेदारी और इसलिए भी बढ़ जाती है कि इंसेफेलाइटिस यहां की भयावह समस्या रही है। उन्होंने सालों तक सड़क से सदन तक की लड़ाई लड़ी है। यदि जागरूकता की दिशा में प्रयास किया जाये तो उन्मूलन किया जा सकता है जिसमें मुख्य भूमिका स्वच्छता व शुद्ध पेयजल की व्यवस्था होगी। प्रौद्योगिकी के विद्यार्थी तकनीक का बेहतर उपयोग करके सस्ता तथा सुलभ तरीका ईजाद कर सकते हैं जिससे लोगों को लाभंहो।धर्म एक जीवन पद्धति है : मुख्यमंत्री ने कहा कि दीक्षांत समारोह गुरुकुल की परंपराओं एवं उपनिषदों की भावनाओं को आगे बढ़ा रहा है। जो सत्य बोलना, धर्म के मार्ग पर चलना एवं स्वाध्याय से कभी विमुख न होने की प्रेरणा देता है। जिन छात्र-छात्राओं को राज्यपाल द्वारा आदशरे के पथ पर चलने की प्रतिज्ञा दिलाई गई हैं उन्हें उस प्रतिज्ञा को निभाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म उपासना विधि नहीं है, धर्म एक जीवन पद्धति है, जो कर्तव्य के मार्ग का अनुारण करने को प्रेरित करता है। योजनाओं के क्रियान्घ्वयन में मिला तकनीक का फायदा : तकनीकी के इस्तेमाल से किस तरह व्यवस्था को उन्होंने सुगम बनाया, इसका उदाहरण मुख्यमंत्री ने कृषि ऋण माफी और राशन वितरण पण्राली के जरिए समझाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋण माफी के लिए पहले उन्हें 72 हजार करोड़ रपए की जरूरत बताई गई थी, लेकिन जब उन्होंने तकनीक का इस्तेमाल किया तो यह घटकर कर 24 हजार करोड़ पर आ गया। तकनीक के ही प्रयास से राशन वितरण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को खत्म कर गरीब तक राशन भी पहुंचाया गया। सीएम ने कहा कि सरकार ने एक नया पोर्टल जारी किया है उससे लाभ होगा। उ न्होंने विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य की कामना की।
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    तकनीक का बेहतर उपयोग ही पहुंचाएगा लक्ष्य तक : सीएम
    राष्ट्रीय सहारा 23/08/2019
    गोरखपुर(एसएनबी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए केवल डिग्री ही पर्याप्त नहीं है। एक विस्तृत दुनिया में बहुत कुछ सीखने का अवसर होता है जिसमें डिग्री सहायक होती है। डिग्री पाकर सिर्फ नौकरी के पीछे न भागें बल्कि समाज के उत्थान में छात्र-छात्राओं की क्या भूमिका हो सकती है इसका भी चिंतन करें और अपनी डिग्री की सार्थकता को भी प्रमाणित करें। जीवन सीखने का नाम है और हर व्यक्ति अपने जीवन में उदाहरण बन सकता है। तकनीक का बेहतर इस्तेमाल करके ही लक्ष्य हासिल किया जा सकता है तथा बड़े पैमाने पर व्याप्त भ्रष्टाचार को रोका जा सकता है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को एमएमएमटीयू में आयोजित दीक्षांत समारोह में बोल रहे थे। मुख्यमंत्री ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का गोरखपुर की धरती पर प्रथम आगमन के लिए अभिनंदन किया। मुख्यमंत्री ने इंफोसिस के संस्थापक को डीएससी की मानक उपाधि मिलने पर बधाई दी एवं सभी छात्र-छात्राओं को डिग्री प्राप्त करने के लिए भी बधाई दी।2024 तक लक्ष्य है ’घर-घर नल‘‘ : मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रौद्योगिकी संस्थान की जिम्मेदारी बनती है कि तकनीक का बेहतर उपयोग करके जागरूकता लाये। सरकार का लक्ष्य है कि 2024 तक ‘‘घर-घर नल’ लाने की योजना को लागू करने का। जिसमें एमएमएमयूटी की जिम्मेदारी और इसलिए भी बढ़ जाती है कि इंसेफेलाइटिस यहां की भयावह समस्या रही है। उन्होंने सालों तक सड़क से सदन तक की लड़ाई लड़ी है। यदि जागरूकता की दिशा में प्रयास किया जाये तो उन्मूलन किया जा सकता है जिसमें मुख्य भूमिका स्वच्छता व शुद्ध पेयजल की व्यवस्था होगी। प्रौद्योगिकी के विद्यार्थी तकनीक का बेहतर उपयोग करके सस्ता तथा सुलभ तरीका ईजाद कर सकते हैं जिससे लोगों को लाभंहो।धर्म एक जीवन पद्धति है : मुख्यमंत्री ने कहा कि दीक्षांत समारोह गुरुकुल की परंपराओं एवं उपनिषदों की भावनाओं को आगे बढ़ा रहा है। जो सत्य बोलना, धर्म के मार्ग पर चलना एवं स्वाध्याय से कभी विमुख न होने की प्रेरणा देता है। जिन छात्र-छात्राओं को राज्यपाल द्वारा आदशरे के पथ पर चलने की प्रतिज्ञा दिलाई गई हैं उन्हें उस प्रतिज्ञा को निभाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि धर्म उपासना विधि नहीं है, धर्म एक जीवन पद्धति है, जो कर्तव्य के मार्ग का अनुारण करने को प्रेरित करता है। योजनाओं के क्रियान्घ्वयन में मिला तकनीक का फायदा : तकनीकी के इस्तेमाल से किस तरह व्यवस्था को उन्होंने सुगम बनाया, इसका उदाहरण मुख्यमंत्री ने कृषि ऋण माफी और राशन वितरण पण्राली के जरिए समझाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋण माफी के लिए पहले उन्हें 72 हजार करोड़ रपए की जरूरत बताई गई थी, लेकिन जब उन्होंने तकनीक का इस्तेमाल किया तो यह घटकर कर 24 हजार करोड़ पर आ गया। तकनीक के ही प्रयास से राशन वितरण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को खत्म कर गरीब तक राशन भी पहुंचाया गया। सीएम ने कहा कि सरकार ने एक नया पोर्टल जारी किया है उससे लाभ होगा। उ न्होंने विद्यार्थियों के बेहतर भविष्य की कामना की।


  • हिन्दुस्तान : 22/08/2019 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नए मंत्रियों को काम करने के ‘तौर-तरीकों' से वाकिफ करा दिया। उन्होंने नए मंत्रियों को पहली मीटिंग में ही समझा दिया है कि क्या करना है और क्या नहीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अच्छा कार्य करने वालों को प्रमोट किया गया है। मंत्रिमंडल में 23 नए सहयोगी शामिल किए गए हैं। इसमें 18 नए चेहरे शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने शपथ ग्रहण के बाद सभी नए मंत्रियों के साथ करीब दो घंटे तक एनेक्सी में बैठक की। उन्होंने कहा कि मंत्री बने सभी विधायक अनुभवी हैं। ये सभी अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर काम कर भी रहे हैं। अब सरकार में आ गए हैं। हमारी सरकार की पहले से ही नीति रही है कि अपराध और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पर मजबूती से टिके रहे। आगे भी इसी नीति पर चलेंगे। सीएम योगी ने कहा कि दो वर्षों में प्रदेश में हर क्षेत्र में बेहतर काम हुआ। सड़क, बिजली, खेती-बाड़ी-किसानों, गरीबों सभी के लिए बहुत से काम हुए। प्रमोट हुए मंत्रियों को मिली प्रशंसा :- मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि डॉ. महेंद्र सिंह ने 12 राष्ट्रीय पुरस्कार अपने विभाग को दिलाए। पीएम आवास योजना और मनरेगा में रिकॉर्ड रोजगार मुहैया कराया। गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने 10 वर्षों में जितना गन्ना मूल्य का भुगतान सपा-बसपा की सरकारों के कार्यकाल में नहीं हुआ था उतना मात्र दो वर्ष में जो लगभग 72 हजार करोड़ रुपये का है, का भुगतान किसानों को कराया। बंद चीनों मिलों को चालू करवाया। पंचायती मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह अपने विभाग में रिकॉर्ड 1. 60 करोड़ से अधिक शौचालय बनाने के साथ-साथ पंचायती राज्य व्यवस्था में बड़ा योगदान दिया है। होमगार्ड विभाग के मंत्री अनिल राजभर होमगार्डों के बेहतरी के साथ-साथ विभाग में बड़ा योगदान दिया। नीलकंठ तिवारी ने भी सरकार और संगठन में अच्छा काम किया इसलिए प्रमोशन हुआ।
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    नए मंत्रियों को समझाया क्या करें क्या नहीं : योगी
    हिन्दुस्तान 22/08/2019
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नए मंत्रियों को काम करने के ‘तौर-तरीकों' से वाकिफ करा दिया। उन्होंने नए मंत्रियों को पहली मीटिंग में ही समझा दिया है कि क्या करना है और क्या नहीं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को मंत्रिमंडल विस्तार के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अच्छा कार्य करने वालों को प्रमोट किया गया है। मंत्रिमंडल में 23 नए सहयोगी शामिल किए गए हैं। इसमें 18 नए चेहरे शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने शपथ ग्रहण के बाद सभी नए मंत्रियों के साथ करीब दो घंटे तक एनेक्सी में बैठक की। उन्होंने कहा कि मंत्री बने सभी विधायक अनुभवी हैं। ये सभी अपने-अपने क्षेत्रों में बेहतर काम कर भी रहे हैं। अब सरकार में आ गए हैं। हमारी सरकार की पहले से ही नीति रही है कि अपराध और भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस पर मजबूती से टिके रहे। आगे भी इसी नीति पर चलेंगे। सीएम योगी ने कहा कि दो वर्षों में प्रदेश में हर क्षेत्र में बेहतर काम हुआ। सड़क, बिजली, खेती-बाड़ी-किसानों, गरीबों सभी के लिए बहुत से काम हुए। प्रमोट हुए मंत्रियों को मिली प्रशंसा :- मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि डॉ. महेंद्र सिंह ने 12 राष्ट्रीय पुरस्कार अपने विभाग को दिलाए। पीएम आवास योजना और मनरेगा में रिकॉर्ड रोजगार मुहैया कराया। गन्ना मंत्री सुरेश राणा ने 10 वर्षों में जितना गन्ना मूल्य का भुगतान सपा-बसपा की सरकारों के कार्यकाल में नहीं हुआ था उतना मात्र दो वर्ष में जो लगभग 72 हजार करोड़ रुपये का है, का भुगतान किसानों को कराया। बंद चीनों मिलों को चालू करवाया। पंचायती मंत्री चौधरी भूपेंद्र सिंह अपने विभाग में रिकॉर्ड 1. 60 करोड़ से अधिक शौचालय बनाने के साथ-साथ पंचायती राज्य व्यवस्था में बड़ा योगदान दिया है। होमगार्ड विभाग के मंत्री अनिल राजभर होमगार्डों के बेहतरी के साथ-साथ विभाग में बड़ा योगदान दिया। नीलकंठ तिवारी ने भी सरकार और संगठन में अच्छा काम किया इसलिए प्रमोशन हुआ।


  • राष्ट्रीय सहारा : 19/08/2019 गोरखपुर (एसएनबी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है। एम्स, नया खाद कारखाना, पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे, एयर कनेक्टिविटी से बदलाव आ रहा है। गोरखपुर में 1200 करोड़ रपए की लागत से बायो फ्यूल प्लांट लगाया जाएगा। सितम्बर में इसका शिलान्यास होगा। इससे औद्योगीकरण बढ़ेगा तथा रोजगार के नये अवसर उपलब्ध होंगे। रविवार को सूर्यकुंड धाम परिसर में विभिन्न योजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास के मुख्यमंत्री ने कहा कि 2.6 करोड़ की लागत से सूर्यकुंड धाम में आरसीसी वाल, सोलर लाइटिंग, टूरिस्ट शेल्टर, वाटर प्योरिफायर, यूरिनल आदि का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने सूर्यकुंड धाम में सार्वजनिक कार्यक्रमों तथा रंगमंच के कलाकारों के लिए स्थान उपलब्ध कराने के लिए पर्यटन विभाग को निर्देशित किया। कहा कि लगभग दो दशक पहले सूर्यकुंड धाम के पुनरूद्धार के लिए ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ ने सांसद निधि से धन दिया था। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एक दशक पहले बन्द होने के कगार पर पहुंच चुके बीआरडी मेडिकल कालेज में अब एम्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इंसेफ्लाइटिस से लड़ने के लिए गोरखपुर में पूरी सुविधा है। प्रदेश के 38 जिलों में भी गोरखपुर की तरह चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं। 1990 में बंद हो चुके फर्टिलाइजर कारखाने की जगह नया खाद कारखाना बन रहा है। अगले वर्ष से खाद का उत्पादन शुरू हो जाएगा। गोरखपुर से कई बड़े शहरों के लिए वायु सेवा शुरू की जा चुकी है। पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ औद्योगिक गलियारा बनाया जाएगा। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा। कहा कि सभी को प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ना होगा। लोगों को प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करना होगा। प्रदेश सरकार द्वारा प्लास्टिक के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है जिससे पर्यावरण को स्वच्छ रखा जा सके। मुख्यमंत्री योगी ने रविवार को 52.70 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इसमें बाबा राघव दास मेडिकल कालेज में इलेक्ट्रिक सेफ्टी का कार्य, वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कलेज में आरसीसी रोड का निर्माण कार्य, गोरखपुर-पिपराईच-कप्तानगंज मार्ग, ग्राम सभा जंगल औराही में गजराज टोला के सिवान से श्याम टोला तक संपर्क मार्ग का निर्माण, डोमिनगढ़ पश्चिम रेलवे के बगल में स्थित संपर्क मार्ग तथा अन्य मार्ग शामिल हैं। सूर्यकुंड मंदिर को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 2.60 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास किया। बता दें धुरियापार चीनी मिल में लगने वाला बायो फ्यूल प्लांट प्रदेश का पहला बायोमास आधारित दूसरी पीढ़ी का एथेनाल प्लांट होगा। इसे आईओसी द्वारा संचालित किया जाएगा। आठ जनवरी को कैबिनेट ने इसको मंजूरी दी थी। इस अवसर पर महापौर सीताराम जायसवाल, नगर विधायक डा. राधामोहन दास अग्रवाल, विधायक विपिन सिंह, विधिायक शीतल पाण्डेय, विधायक फतेहबहादुर सिंह, पुष्पदंत जैन, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष उपेंद्र दत्त शुक्ला, क्षेत्रीय अध्यक्ष डा. धमेर्ंद्र सिंह, महानगर अध्यक्ष राहुल श्रीवास्तव, क्षेत्रीय मंत्री प्रदीप शुक्ला, महानगर महामंत्री ओमप्रकाश शर्मा, देवेश श्रीवास्तव, पार्षद अभिषेक निषाद, मोहन सिंह, हिमांशु श्रीवास्तव, रवि प्रताप सोनकर, अजय श्रीवास्तव, पंकज शुक्ला, ज्ञानेन्द्र सिंह, मनोहर, अजय कुमार,प्रशांत गौड़, सुनील त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।5270.03 लाख की लागत की 5 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं 1245.70 लाख की लागत से बीआरडी मेडिकल कालेज में इलेक्ट्रिकसिटी कार्य, रू0 94.65 लाख की लागत से बीर बहादुर सिंह स्पोर्टस कालेज में आरसीसी रोड का निर्माण कार्य, 3678.00 की लागत से गोरखपुर पिपराइच कप्तानगंज मार्ग, 173.86 लाख की लागत से ग्राम सभा जंगल औराही में गजराज टोला के सिवान से श्याम टोला तक सम्पर्क मार्ग का नवनिर्माण कार्य तथा रू0 77.82 लाख की लागत से डोमिनगढ़ रेलवे के बगल तूफानी निषाद के घर पुल रेलवे के दक्षिण सिउरिया तक सम्पर्क मार्ग कार्य शामिल।
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    विकास के नये युग में प्रवेश कर रहा गोरखपुर
    राष्ट्रीय सहारा 19/08/2019
    गोरखपुर (एसएनबी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि गोरखपुर विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है। एम्स, नया खाद कारखाना, पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे, एयर कनेक्टिविटी से बदलाव आ रहा है। गोरखपुर में 1200 करोड़ रपए की लागत से बायो फ्यूल प्लांट लगाया जाएगा। सितम्बर में इसका शिलान्यास होगा। इससे औद्योगीकरण बढ़ेगा तथा रोजगार के नये अवसर उपलब्ध होंगे। रविवार को सूर्यकुंड धाम परिसर में विभिन्न योजनाओं के लोकार्पण व शिलान्यास के मुख्यमंत्री ने कहा कि 2.6 करोड़ की लागत से सूर्यकुंड धाम में आरसीसी वाल, सोलर लाइटिंग, टूरिस्ट शेल्टर, वाटर प्योरिफायर, यूरिनल आदि का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने सूर्यकुंड धाम में सार्वजनिक कार्यक्रमों तथा रंगमंच के कलाकारों के लिए स्थान उपलब्ध कराने के लिए पर्यटन विभाग को निर्देशित किया। कहा कि लगभग दो दशक पहले सूर्यकुंड धाम के पुनरूद्धार के लिए ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ ने सांसद निधि से धन दिया था। मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि एक दशक पहले बन्द होने के कगार पर पहुंच चुके बीआरडी मेडिकल कालेज में अब एम्स जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इंसेफ्लाइटिस से लड़ने के लिए गोरखपुर में पूरी सुविधा है। प्रदेश के 38 जिलों में भी गोरखपुर की तरह चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं। 1990 में बंद हो चुके फर्टिलाइजर कारखाने की जगह नया खाद कारखाना बन रहा है। अगले वर्ष से खाद का उत्पादन शुरू हो जाएगा। गोरखपुर से कई बड़े शहरों के लिए वायु सेवा शुरू की जा चुकी है। पूर्वाचल एक्सप्रेस-वे के दोनों तरफ औद्योगिक गलियारा बनाया जाएगा। इससे लोगों को रोजगार मिलेगा। कहा कि सभी को प्रधानमंत्री मोदी के स्वच्छ भारत मिशन से जुड़ना होगा। लोगों को प्लास्टिक का इस्तेमाल पूरी तरह बंद करना होगा। प्रदेश सरकार द्वारा प्लास्टिक के विरुद्ध अभियान चलाया जा रहा है जिससे पर्यावरण को स्वच्छ रखा जा सके। मुख्यमंत्री योगी ने रविवार को 52.70 करोड़ की परियोजनाओं का लोकार्पण किया। इसमें बाबा राघव दास मेडिकल कालेज में इलेक्ट्रिक सेफ्टी का कार्य, वीर बहादुर सिंह स्पोर्ट्स कलेज में आरसीसी रोड का निर्माण कार्य, गोरखपुर-पिपराईच-कप्तानगंज मार्ग, ग्राम सभा जंगल औराही में गजराज टोला के सिवान से श्याम टोला तक संपर्क मार्ग का निर्माण, डोमिनगढ़ पश्चिम रेलवे के बगल में स्थित संपर्क मार्ग तथा अन्य मार्ग शामिल हैं। सूर्यकुंड मंदिर को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 2.60 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास किया। बता दें धुरियापार चीनी मिल में लगने वाला बायो फ्यूल प्लांट प्रदेश का पहला बायोमास आधारित दूसरी पीढ़ी का एथेनाल प्लांट होगा। इसे आईओसी द्वारा संचालित किया जाएगा। आठ जनवरी को कैबिनेट ने इसको मंजूरी दी थी। इस अवसर पर महापौर सीताराम जायसवाल, नगर विधायक डा. राधामोहन दास अग्रवाल, विधायक विपिन सिंह, विधिायक शीतल पाण्डेय, विधायक फतेहबहादुर सिंह, पुष्पदंत जैन, भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष उपेंद्र दत्त शुक्ला, क्षेत्रीय अध्यक्ष डा. धमेर्ंद्र सिंह, महानगर अध्यक्ष राहुल श्रीवास्तव, क्षेत्रीय मंत्री प्रदीप शुक्ला, महानगर महामंत्री ओमप्रकाश शर्मा, देवेश श्रीवास्तव, पार्षद अभिषेक निषाद, मोहन सिंह, हिमांशु श्रीवास्तव, रवि प्रताप सोनकर, अजय श्रीवास्तव, पंकज शुक्ला, ज्ञानेन्द्र सिंह, मनोहर, अजय कुमार,प्रशांत गौड़, सुनील त्रिपाठी आदि उपस्थित रहे।5270.03 लाख की लागत की 5 परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इन परियोजनाओं 1245.70 लाख की लागत से बीआरडी मेडिकल कालेज में इलेक्ट्रिकसिटी कार्य, रू0 94.65 लाख की लागत से बीर बहादुर सिंह स्पोर्टस कालेज में आरसीसी रोड का निर्माण कार्य, 3678.00 की लागत से गोरखपुर पिपराइच कप्तानगंज मार्ग, 173.86 लाख की लागत से ग्राम सभा जंगल औराही में गजराज टोला के सिवान से श्याम टोला तक सम्पर्क मार्ग का नवनिर्माण कार्य तथा रू0 77.82 लाख की लागत से डोमिनगढ़ रेलवे के बगल तूफानी निषाद के घर पुल रेलवे के दक्षिण सिउरिया तक सम्पर्क मार्ग कार्य शामिल।


  • हिन्दुस्तान : 18/08/2019 सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बस्ती के तपसीधाम में कहा कि साधु-संन्यासियों को मठ-मंदिर में रहने की बजाय जनता के बीच जाना चाहिए। उन्हें राष्ट्र और लोक कल्याण के लिए जीवन होम कर देना चाहिए। देश-धर्म की रक्षा करते हुए भारत की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संन्यासी उठाएं। मठ-मंदिर में जाति और संप्रदाय का भेदभाव नहीं होना चाहिए। राष्ट्र और समाज को ऐसा कुछ देकर जाएं कि आने वाली पीढ़ियां सम्मान से याद करें। मुख्यमंत्री शनिवार को बस्ती में हर्रैया विकास क्षेत्र अंतर्गत स्थित तपसीधाम मंदिर में शिवलिंग की स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा करने आए थे। वैदिक मंत्रोच्चारण एवं पूजा-अर्चना के बीच उन्होंने शिवलिंग की स्थापना की। करीब ढाई बजे मंच पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने तपसी मंदिर और तपसी बाबा का बखान करते हुए कहा कि शिवलिंग की स्थापना कर मठ के प्रधान सेवक जयबक्स दास ने अपने ब्रह्मलीन गुरु तपसी सरकार का सपना साकार किया है। कार्यक्रम में पहुंचे संतों ने ‘राम मंदिर अबकी बार' की हुंकार भी भरी।
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    राष्ट्र व लोक कल्याण में जीवन होम कर दें संत
    हिन्दुस्तान 18/08/2019
    सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को बस्ती के तपसीधाम में कहा कि साधु-संन्यासियों को मठ-मंदिर में रहने की बजाय जनता के बीच जाना चाहिए। उन्हें राष्ट्र और लोक कल्याण के लिए जीवन होम कर देना चाहिए। देश-धर्म की रक्षा करते हुए भारत की समृद्ध परंपरा को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी संन्यासी उठाएं। मठ-मंदिर में जाति और संप्रदाय का भेदभाव नहीं होना चाहिए। राष्ट्र और समाज को ऐसा कुछ देकर जाएं कि आने वाली पीढ़ियां सम्मान से याद करें। मुख्यमंत्री शनिवार को बस्ती में हर्रैया विकास क्षेत्र अंतर्गत स्थित तपसीधाम मंदिर में शिवलिंग की स्थापना और प्राण प्रतिष्ठा करने आए थे। वैदिक मंत्रोच्चारण एवं पूजा-अर्चना के बीच उन्होंने शिवलिंग की स्थापना की। करीब ढाई बजे मंच पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने तपसी मंदिर और तपसी बाबा का बखान करते हुए कहा कि शिवलिंग की स्थापना कर मठ के प्रधान सेवक जयबक्स दास ने अपने ब्रह्मलीन गुरु तपसी सरकार का सपना साकार किया है। कार्यक्रम में पहुंचे संतों ने ‘राम मंदिर अबकी बार' की हुंकार भी भरी।


  • दैनिक जागरण : 17/08/2019 राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का बहुआयामी व्यक्तित्व हमें आज भी प्रेरणा देता है। उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों और आदर्शो से समझौता नहीं किया। योगी ने कहा कि 25 दिसंबर को अटल जी की जयंती पर लोकभवन में उनकी 25 फीट ऊंची प्रतिमा का लोकार्पण किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 18 मंडलों में अटल के नाम पर श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई के लिए आवासीय विद्यालय खोले जाएंगे। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री की पहली पुण्यतिथि पर लोकभवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज अटलजी की पहली पुण्यतिथि है और इससे पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर राज्य से अनुच्छेद 370 हटाकर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी है। अटलजी का छह दशक का निष्कलंक राजनीतिक जीवन सदैव याद किया जायेगा। उन्होंने विकास की नई रूपरेखा तैयार की और उसे मूर्त रूप दिया। श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि अटल जी ने प्रधानमंत्री रहते हुए जवानों को शहीद का दर्जा देने के साथ ही उनके परिजनों को पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी आवंटित करने की व्यवस्था की। नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक प्रधानमंत्री के रूप में यह सोच भी नहीं सके। विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि अटलजी ने राजनीति को संस्कृति की तरह जिया व प्रेरित किया। दीक्षित ने अटल से जुड़े कई रोचक संस्मरण सुनाए। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अटलजी के विचार आज भी हमें ऊर्जित करते हैं। शिखर पर पहुंचने के बाद भी अहंकार अटल जी को छू नहीं पाया। संचालन कर रहे उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने अटल से जुड़े संस्मरण साझा किये। इसके पहले विधानसभा अध्यक्ष व मुख्यमंत्री ने लोकभवन में अटल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अटल की स्मृति में कई योजनाएं : मुख्यमंत्री ने अटल के नाम पर राज्य सरकार द्वारा घोषित योजनाओं का जिक्र किया। लखनऊ में चिकित्सा विश्वविद्यालय बनाया जा रहा है। बलरामपुर में केजीएमयू का सेटेलाइट सेंटर स्थापित हो रहा है जो बाद में मेडिकल कालेज के रूप में विकसित होगा। अटल की स्मृति में डीएवी कालेज, कानपुर में सेंटर आफ एक्सीलेंस की स्थापना तथा उनके पैतृक गांव बटेश्वर (आगरा) में एक भव्य स्मारक बनाया जाएगा। सरकार ने लखनऊ में इकाना क्रिकेट स्टेडियम का नाम ‘भारत रत्न' श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम’ किया है।
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    अटल के नाम पर खुलेंगे आवासीय विद्यालय
    दैनिक जागरण 17/08/2019
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का बहुआयामी व्यक्तित्व हमें आज भी प्रेरणा देता है। उन्होंने कभी अपने सिद्धांतों और आदर्शो से समझौता नहीं किया। योगी ने कहा कि 25 दिसंबर को अटल जी की जयंती पर लोकभवन में उनकी 25 फीट ऊंची प्रतिमा का लोकार्पण किया जाएगा। इसके साथ ही प्रदेश के सभी 18 मंडलों में अटल के नाम पर श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई के लिए आवासीय विद्यालय खोले जाएंगे। इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री शुक्रवार को पूर्व प्रधानमंत्री की पहली पुण्यतिथि पर लोकभवन में आयोजित श्रद्धांजलि सभा को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आज अटलजी की पहली पुण्यतिथि है और इससे पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जम्मू-कश्मीर राज्य से अनुच्छेद 370 हटाकर उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि दी है। अटलजी का छह दशक का निष्कलंक राजनीतिक जीवन सदैव याद किया जायेगा। उन्होंने विकास की नई रूपरेखा तैयार की और उसे मूर्त रूप दिया। श्रद्धांजलि सभा की अध्यक्षता करते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष व परिवहन मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह ने कहा कि अटल जी ने प्रधानमंत्री रहते हुए जवानों को शहीद का दर्जा देने के साथ ही उनके परिजनों को पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी आवंटित करने की व्यवस्था की। नेहरू से लेकर राजीव गांधी तक प्रधानमंत्री के रूप में यह सोच भी नहीं सके। विधानसभा अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने कहा कि अटलजी ने राजनीति को संस्कृति की तरह जिया व प्रेरित किया। दीक्षित ने अटल से जुड़े कई रोचक संस्मरण सुनाए। उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अटलजी के विचार आज भी हमें ऊर्जित करते हैं। शिखर पर पहुंचने के बाद भी अहंकार अटल जी को छू नहीं पाया। संचालन कर रहे उप मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा ने अटल से जुड़े संस्मरण साझा किये। इसके पहले विधानसभा अध्यक्ष व मुख्यमंत्री ने लोकभवन में अटल के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। अटल की स्मृति में कई योजनाएं : मुख्यमंत्री ने अटल के नाम पर राज्य सरकार द्वारा घोषित योजनाओं का जिक्र किया। लखनऊ में चिकित्सा विश्वविद्यालय बनाया जा रहा है। बलरामपुर में केजीएमयू का सेटेलाइट सेंटर स्थापित हो रहा है जो बाद में मेडिकल कालेज के रूप में विकसित होगा। अटल की स्मृति में डीएवी कालेज, कानपुर में सेंटर आफ एक्सीलेंस की स्थापना तथा उनके पैतृक गांव बटेश्वर (आगरा) में एक भव्य स्मारक बनाया जाएगा। सरकार ने लखनऊ में इकाना क्रिकेट स्टेडियम का नाम ‘भारत रत्न' श्री अटल बिहारी वाजपेयी इकाना क्रिकेट स्टेडियम’ किया है।


  • राष्ट्रीय सहारा : 15/08/2019 लखनऊ (एसएनबी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 190 भारतीयों के प्रतिनिधिमण्डल का सुदूर पूर्व रूस के व्लादिवोस्तोक का दौरा अत्यन्त सफल रहा। इस दौरान वहां पर सात एमओयू पर हस्ताक्षर और 200 उद्यमियों के साथ निवेश की संभावनाओं पर विचार हुआ। रूस के उद्यमियों को सूबे में डिफेंस कारिडोर मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया।मुख्यमंत्री श्री योगी ने बुधवार शाम अपने सरकारी आवास पर संवाददाताओं से कहा कि यह दौरा सुदूर पूर्व रूस में निवेश और निर्यात संवर्धन के उद्देश्य से किया गया था। उन्होंने कहा कि भारत और रूस पारस्परिक हितों के संवर्धन में सहायक हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि रूस के उद्यमियों को उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया है। इस सम्बन्ध में अलग से एक प्रतिनिधिमण्डल भेजने के लिए वार्ता का प्लेटफार्म तैयार किया गया है। श्री योगी ने बताया कि आगामी सितम्बर माह में व्लादिवोस्तोक में होने वाली ‘‘पूर्वी आर्थिक फोरम’ की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की इस यात्रा से भारत-रूस सम्बन्ध नई ऊंचाइयां प्राप्त करेंगे।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश तथा सुदूर पूर्वी रूस के मध्य कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के सम्बन्ध में एमओयू, एकेडमिक एवं सांस्कृतिक आदान प्रदान बढ़ाने के उद्देश्य से एमिटी यूनीवर्सिटी तथा रूस की फॉर ईस्ट फेडरल यूनीवर्सिटी के बीच एमओयू, नेशनल स्किल डेवलपमेंट कारपोरेशन और फॉर ईस्ट इन्वेस्टमेंट एजेंसी के बीच एमओयू, सेण्टर फॉर योग स्थापित करने के सम्बन्ध में समझौता हुआ है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, कुछ कम्पनियों की रूस के सुदूर पूर्व क्षेत्र में निवेश एवं निर्यात के सम्बन्ध में सहमति भी बनी है। इनमें एलाना सन्स का खाद्य एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में तथा एमप्लस एनर्जी सॉल्यूशन प्रालि का नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एमओयू उल्लेखनीय हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी देश में निवेश और निर्यात संवर्धन के उद्देश्य से गया यह देश का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमण्डल था। इस क्षेत्र में तेल, कोयला, टिम्बर जैसे प्राकृतिक संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। इस क्षेत्र में लगभग 5 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्रफल भूमि कृषि योग्य है, मानव संसाधन और तकनीक के अभाव में जिसका उपयोग अभी तक नहीं हुआ है। अपनी तकनीकी क्षमता, विशेषज्ञता और मानव संसाधन के बल पर भारत इस क्षेत्र के विकास में बड़ी भूमिका निभा सकता है। यहां पर कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, टिम्बर, हेल्थ केयर, ऑयल, गैस, ऊर्जा आदि क्षेत्रों में कार्य किया जा सकता है। मेकेनाइज्ड फार्मिंग के लिए सुदूर पूर्व रूस में प्रचुर संसाधन उपलब्ध हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को स्वाधीनता दिवस और रक्षा बन्धन के पर्व की बधाई भी दी।
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    सीएम ने डिफेंस कारिडोर में निवेश के लिए रूस को किया आमंत्रित
    राष्ट्रीय सहारा 15/08/2019
    लखनऊ (एसएनबी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 190 भारतीयों के प्रतिनिधिमण्डल का सुदूर पूर्व रूस के व्लादिवोस्तोक का दौरा अत्यन्त सफल रहा। इस दौरान वहां पर सात एमओयू पर हस्ताक्षर और 200 उद्यमियों के साथ निवेश की संभावनाओं पर विचार हुआ। रूस के उद्यमियों को सूबे में डिफेंस कारिडोर मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया।मुख्यमंत्री श्री योगी ने बुधवार शाम अपने सरकारी आवास पर संवाददाताओं से कहा कि यह दौरा सुदूर पूर्व रूस में निवेश और निर्यात संवर्धन के उद्देश्य से किया गया था। उन्होंने कहा कि भारत और रूस पारस्परिक हितों के संवर्धन में सहायक हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि रूस के उद्यमियों को उत्तर प्रदेश डिफेंस कॉरिडोर में निवेश के लिए आमंत्रित किया गया है। इस सम्बन्ध में अलग से एक प्रतिनिधिमण्डल भेजने के लिए वार्ता का प्लेटफार्म तैयार किया गया है। श्री योगी ने बताया कि आगामी सितम्बर माह में व्लादिवोस्तोक में होने वाली ‘‘पूर्वी आर्थिक फोरम’ की बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया गया है। उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी की इस यात्रा से भारत-रूस सम्बन्ध नई ऊंचाइयां प्राप्त करेंगे।उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश तथा सुदूर पूर्वी रूस के मध्य कृषि और खाद्य प्रसंस्करण के सम्बन्ध में एमओयू, एकेडमिक एवं सांस्कृतिक आदान प्रदान बढ़ाने के उद्देश्य से एमिटी यूनीवर्सिटी तथा रूस की फॉर ईस्ट फेडरल यूनीवर्सिटी के बीच एमओयू, नेशनल स्किल डेवलपमेंट कारपोरेशन और फॉर ईस्ट इन्वेस्टमेंट एजेंसी के बीच एमओयू, सेण्टर फॉर योग स्थापित करने के सम्बन्ध में समझौता हुआ है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा, कुछ कम्पनियों की रूस के सुदूर पूर्व क्षेत्र में निवेश एवं निर्यात के सम्बन्ध में सहमति भी बनी है। इनमें एलाना सन्स का खाद्य एवं प्रसंस्करण के क्षेत्र में तथा एमप्लस एनर्जी सॉल्यूशन प्रालि का नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में एमओयू उल्लेखनीय हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया के किसी देश में निवेश और निर्यात संवर्धन के उद्देश्य से गया यह देश का सबसे बड़ा प्रतिनिधिमण्डल था। इस क्षेत्र में तेल, कोयला, टिम्बर जैसे प्राकृतिक संसाधन प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। इस क्षेत्र में लगभग 5 मिलियन हेक्टेयर क्षेत्रफल भूमि कृषि योग्य है, मानव संसाधन और तकनीक के अभाव में जिसका उपयोग अभी तक नहीं हुआ है। अपनी तकनीकी क्षमता, विशेषज्ञता और मानव संसाधन के बल पर भारत इस क्षेत्र के विकास में बड़ी भूमिका निभा सकता है। यहां पर कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, टिम्बर, हेल्थ केयर, ऑयल, गैस, ऊर्जा आदि क्षेत्रों में कार्य किया जा सकता है। मेकेनाइज्ड फार्मिंग के लिए सुदूर पूर्व रूस में प्रचुर संसाधन उपलब्ध हैं। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी को स्वाधीनता दिवस और रक्षा बन्धन के पर्व की बधाई भी दी।


  • हिन्दुस्तान : 14/08/2019 लखनऊ | विशेष संवाददाता : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रूस के निवेशकों व अधिकारियों से कहा है कि उनके सुदूर पूर्वी क्षेत्र में कृषि व उससे जुड़े क्षेत्रों में निवेश की काफी संभावनाएं हैं। बिजली के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश सोलर स्ट्रीट लाईट, सोलर आरओ, सोलर वाटर प्लांट, एवं सोलर हाईमस्ट की स्थापना में अग्रणी है। इसमें उनका राज्य सहयोग कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी का आफ ग्रेड विकेंद्रीकृत सौर प्रणाली संयंत्र सुदूर पूर्वी रूस में सस्ती बिजली आपूर्ति में कारगर साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कृषि, खाद्य प्रसंस्करण व निर्यात के क्षेत्र में भारत रूस गणराज्य के साथ संयुक्त रूप से गहरे क्रियाशील संबंध बनेंगे। मुख्यमंत्री ने रूस के दौरे के दौरान सोमवार को अपने भाषण में कहा कि भारत व उसके सबसे बड़े प्रांत उत्तर प्रदेश ने कृषि, ऊर्जा व खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में काफी काम किया है। यहां के उद्यमी अनुभव व नवीनतम तकनीक से रूस के पूर्वी क्षेत्र में निवेश कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रूस के पूर्वी क्षेत्र में चुनौती इस बात की है कि कृषि के आधुनिक तकनीक का उपयोग कर कृषि योग्य भूमि पर स्थानीय जरूरतों के मुताबिक खाद्यान्न, तिलहनी फसलों, फल, आलू व अन्य सब्जियों की उत्पादकता में वद्धि की जाए। सीएम ने कहा कि दार्जिलिंग चाय के बारे में रूस के लोग जानते होंगे।
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    रूस के पूर्वी क्षेत्र में निवेश की काफी संभावनाएं : योगी
    हिन्दुस्तान 14/08/2019
    लखनऊ | विशेष संवाददाता : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रूस के निवेशकों व अधिकारियों से कहा है कि उनके सुदूर पूर्वी क्षेत्र में कृषि व उससे जुड़े क्षेत्रों में निवेश की काफी संभावनाएं हैं। बिजली के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश सोलर स्ट्रीट लाईट, सोलर आरओ, सोलर वाटर प्लांट, एवं सोलर हाईमस्ट की स्थापना में अग्रणी है। इसमें उनका राज्य सहयोग कर सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यूपी का आफ ग्रेड विकेंद्रीकृत सौर प्रणाली संयंत्र सुदूर पूर्वी रूस में सस्ती बिजली आपूर्ति में कारगर साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि कृषि, खाद्य प्रसंस्करण व निर्यात के क्षेत्र में भारत रूस गणराज्य के साथ संयुक्त रूप से गहरे क्रियाशील संबंध बनेंगे। मुख्यमंत्री ने रूस के दौरे के दौरान सोमवार को अपने भाषण में कहा कि भारत व उसके सबसे बड़े प्रांत उत्तर प्रदेश ने कृषि, ऊर्जा व खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में काफी काम किया है। यहां के उद्यमी अनुभव व नवीनतम तकनीक से रूस के पूर्वी क्षेत्र में निवेश कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि रूस के पूर्वी क्षेत्र में चुनौती इस बात की है कि कृषि के आधुनिक तकनीक का उपयोग कर कृषि योग्य भूमि पर स्थानीय जरूरतों के मुताबिक खाद्यान्न, तिलहनी फसलों, फल, आलू व अन्य सब्जियों की उत्पादकता में वद्धि की जाए। सीएम ने कहा कि दार्जिलिंग चाय के बारे में रूस के लोग जानते होंगे।


  • दैनिक जागरण : 13/08/2019 राज्य ब्यूरो, लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रूस यात्र के दूसरे दिन सोमवार को उद्यमियों के साथ कृषि, खाद्य प्रसंस्करण व ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में रूस के ज़बाइकल्सकी क्राय क्षेत्र और उत्तर प्रदेश ने कृषि व खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र में लगभग आठ मिलियन हेक्टेयर क्षेत्रफल में कृषि व संबद्ध कायरे के विकास की अपार संभावनाएं हैं। यहां निवेश के अवसर मिलेंगे। भारत-रूस के पुराने रिश्तों को जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले सात दशकों से दोनों में प्रगाढ़ संबंध रहे हैं। आजादी मिलने के तुरंत बाद भारत की प्रगति में रूसी सहयोग की अहम भूमिका रही। रक्षा, औद्योगिक और परमाणु क्षेत्र में हमें भरपूर सहयोग मिला है। यह कहना गलत नहीं होगा की रूस व भारत की मित्रता वर्ष दर वर्ष प्रगाढ़ होती गई है। हम एक दूसरे के स्ट्रेटजिक पार्टनर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भी इस सहयोग के अनेक उदाहरण मौजूद हैं। वर्ष 1968 में ओबरा व वर्ष 1971 में हरदुआगंज में सोवियत संघ के सहयोग से थर्मल पावर प्लांट का निर्माण किया गया। वहीं, रूसी कंपनियों ने टेहरी व कोटश्वर हाईड्रोइलेक्टिक प्लांट निर्माण में भी मदद की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) तथा भारतीय कृषि अनुंसधान परिषद (आईसीएआर) की विशेषज्ञता और मार्गदर्शन से सुदूर पूर्वी रूस में कृषि के विकास के लिए रोड मैप तैयार होगा। योगी ने पशुधन विकास में भारत की उपलब्धियों को बताया। उनका कहना था कि भारत का पशुधन में विश्व में प्रथम स्थान है।
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    पूर्वी रूस के कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं : योगी
    दैनिक जागरण 13/08/2019
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रूस यात्र के दूसरे दिन सोमवार को उद्यमियों के साथ कृषि, खाद्य प्रसंस्करण व ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम में रूस के ज़बाइकल्सकी क्राय क्षेत्र और उत्तर प्रदेश ने कृषि व खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि रूस के सुदूर पूर्वी क्षेत्र में लगभग आठ मिलियन हेक्टेयर क्षेत्रफल में कृषि व संबद्ध कायरे के विकास की अपार संभावनाएं हैं। यहां निवेश के अवसर मिलेंगे। भारत-रूस के पुराने रिश्तों को जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले सात दशकों से दोनों में प्रगाढ़ संबंध रहे हैं। आजादी मिलने के तुरंत बाद भारत की प्रगति में रूसी सहयोग की अहम भूमिका रही। रक्षा, औद्योगिक और परमाणु क्षेत्र में हमें भरपूर सहयोग मिला है। यह कहना गलत नहीं होगा की रूस व भारत की मित्रता वर्ष दर वर्ष प्रगाढ़ होती गई है। हम एक दूसरे के स्ट्रेटजिक पार्टनर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में भी इस सहयोग के अनेक उदाहरण मौजूद हैं। वर्ष 1968 में ओबरा व वर्ष 1971 में हरदुआगंज में सोवियत संघ के सहयोग से थर्मल पावर प्लांट का निर्माण किया गया। वहीं, रूसी कंपनियों ने टेहरी व कोटश्वर हाईड्रोइलेक्टिक प्लांट निर्माण में भी मदद की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (सीएसआईआर) तथा भारतीय कृषि अनुंसधान परिषद (आईसीएआर) की विशेषज्ञता और मार्गदर्शन से सुदूर पूर्वी रूस में कृषि के विकास के लिए रोड मैप तैयार होगा। योगी ने पशुधन विकास में भारत की उपलब्धियों को बताया। उनका कहना था कि भारत का पशुधन में विश्व में प्रथम स्थान है।


  • राष्ट्रीय सहारा : 12/08/2019 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिन एक बैठक में अफसरों को साफ कर दिया है कि चेतावनी के बाद भी जिन अफसरों में सुधार नहीं होगा, उन्हें निलम्बन के लिए तैयार रहना होगा। यूपी की 22 करोड़ जनता की समस्याओं के समाधान में शिथिलता व लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।सीएम का यह सख्त तेवर 5 कालीदास पर अपने सरकारी आवास पर जनसुनवाई पण्राली व ‘‘1076 सीएम हेल्पलाइन’ पर वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के दौरान सामने आया। उन्होंने अधिकारियों को कार्यालय समय से पहुंचने और प्रतिदिन 1 घण्टा जनसुनवाई करने को कहा। उन्होंने कहा इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही पर अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित कर, उन्हें दण्डित किया जाएगा। उन्होंने अफसरों की संवेदनशीलता, अनुशासन व जिम्मेदारियों के निर्वहन पर जोर दिया।मुख्यमंत्री के निशाने पर थे दस जिलाधिकारी। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में बड़ी संख्या में शिकायतों का मिलना दिखाता है कि अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। यदि कार्रवाई हो भी रही है, तो उससे शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं है। योगी ने सीएम हेल्पलाइन में सर्वाधिक शिकायतों वाले तीन जिलों प्रयागराज, प्रतापगढ़ एवं जौनपुर के डीएम को कार्य पण्राली में सुधार लाए जाने के निर्देश दिए। पंचायतीराज विभाग से सम्बन्धित सफाई, पेयजल व भ्रष्टाचार आदि में सर्वाधिक खराब प्रदर्शन वाले प्रयागराज, आगरा एवं बदायूं रहे। खाद्य और रसद के तहत खाद्यान्न एवं मिट्टी के तेल में खराब प्रदर्शन वाले गोण्डा व आगरा तथा सड़कों की मरम्मत के सम्बन्ध में खराब प्रदर्शन वाले प्रयागराज, वाराणसी व बरेली रहे। मुख्यमंत्री ने इन जिलों के जिलाधिकारियों को फटकार भी लगायी। मुख्यमंत्री लखनऊ सहित अन्य जनपदों में प्लास्टिक, पॉलीथीन एवं थर्मोकोल के प्रयोग पर कड़ाई से नियंतण्रकिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कानपुर नगर, मेरठ, वाराणसी नगरों में गन्दगी एवं साफ-सफाई की कमी के लिए सम्बन्धित अधिकारियों के विद्ध आवश्यक कार्रवाई किए जाने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि थानों पर मेरिट के आधार पर पोस्टिंग हो। किसी दागी अधिकारी को पोस्टिंग न दी जाए।
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    चेतावनी के बाद भी न सुधरे तो होंगे दण्डित
    राष्ट्रीय सहारा 12/08/2019
    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बीते दिन एक बैठक में अफसरों को साफ कर दिया है कि चेतावनी के बाद भी जिन अफसरों में सुधार नहीं होगा, उन्हें निलम्बन के लिए तैयार रहना होगा। यूपी की 22 करोड़ जनता की समस्याओं के समाधान में शिथिलता व लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।सीएम का यह सख्त तेवर 5 कालीदास पर अपने सरकारी आवास पर जनसुनवाई पण्राली व ‘‘1076 सीएम हेल्पलाइन’ पर वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के दौरान सामने आया। उन्होंने अधिकारियों को कार्यालय समय से पहुंचने और प्रतिदिन 1 घण्टा जनसुनवाई करने को कहा। उन्होंने कहा इसमें किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही पर अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित कर, उन्हें दण्डित किया जाएगा। उन्होंने अफसरों की संवेदनशीलता, अनुशासन व जिम्मेदारियों के निर्वहन पर जोर दिया।मुख्यमंत्री के निशाने पर थे दस जिलाधिकारी। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई में बड़ी संख्या में शिकायतों का मिलना दिखाता है कि अपेक्षित कार्रवाई नहीं की जा रही है। यदि कार्रवाई हो भी रही है, तो उससे शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं है। योगी ने सीएम हेल्पलाइन में सर्वाधिक शिकायतों वाले तीन जिलों प्रयागराज, प्रतापगढ़ एवं जौनपुर के डीएम को कार्य पण्राली में सुधार लाए जाने के निर्देश दिए। पंचायतीराज विभाग से सम्बन्धित सफाई, पेयजल व भ्रष्टाचार आदि में सर्वाधिक खराब प्रदर्शन वाले प्रयागराज, आगरा एवं बदायूं रहे। खाद्य और रसद के तहत खाद्यान्न एवं मिट्टी के तेल में खराब प्रदर्शन वाले गोण्डा व आगरा तथा सड़कों की मरम्मत के सम्बन्ध में खराब प्रदर्शन वाले प्रयागराज, वाराणसी व बरेली रहे। मुख्यमंत्री ने इन जिलों के जिलाधिकारियों को फटकार भी लगायी। मुख्यमंत्री लखनऊ सहित अन्य जनपदों में प्लास्टिक, पॉलीथीन एवं थर्मोकोल के प्रयोग पर कड़ाई से नियंतण्रकिए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने कानपुर नगर, मेरठ, वाराणसी नगरों में गन्दगी एवं साफ-सफाई की कमी के लिए सम्बन्धित अधिकारियों के विद्ध आवश्यक कार्रवाई किए जाने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा मुख्यमंत्री ने कहा कि थानों पर मेरिट के आधार पर पोस्टिंग हो। किसी दागी अधिकारी को पोस्टिंग न दी जाए।


  • दैनिक जागरण : 11/08/2019 राब्यू, लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बकरीद से लेकर जन्माष्टमी तक सुरक्षा-व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के कड़े निर्देश दिए। इस दौरान योगी ने देर से दफ्तर पहुंचने वाले अधिकारियों व इंटीग्रेटेड ग्रेवांस रिड्रेस सिस्टम में फिसड्डी रहे जिलों के डीएम, एसएसपी व एसपी को कड़ी फटकार लगाई। योगी ने कहा कि जो अधिकारी काम नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें वीआरएस लेना हो तो ले लें। चेतावनी दी कि अगली बैठक में लापरवाह अधिकारियों को सीधे निलंबित किया जाएगा। योगी ने सीएम आवास से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये खासकर प्रयागराज, बदायूं, पीलीभीत, मथुरा, लखनऊ, कानपुर नगर, आगरा व कुछ अन्य जिलों के डीएम से उनकी कार्यशैली को लेकर खासी नाराजगी जाहिर की। इससे पूर्व योगी ने बकरीद, सावन के अंतिम सोमवार, रक्षा बंधन, स्वतंत्रता दिवस व जन्माष्टमी के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रखने का निर्देश दिया।
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    निलंबित होंगे लापरवाह अफसर : सीएम
    दैनिक जागरण 11/08/2019
    राब्यू, लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये बकरीद से लेकर जन्माष्टमी तक सुरक्षा-व्यवस्था चाक-चौबंद रखने के कड़े निर्देश दिए। इस दौरान योगी ने देर से दफ्तर पहुंचने वाले अधिकारियों व इंटीग्रेटेड ग्रेवांस रिड्रेस सिस्टम में फिसड्डी रहे जिलों के डीएम, एसएसपी व एसपी को कड़ी फटकार लगाई। योगी ने कहा कि जो अधिकारी काम नहीं कर पा रहे हैं, उन्हें वीआरएस लेना हो तो ले लें। चेतावनी दी कि अगली बैठक में लापरवाह अधिकारियों को सीधे निलंबित किया जाएगा। योगी ने सीएम आवास से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये खासकर प्रयागराज, बदायूं, पीलीभीत, मथुरा, लखनऊ, कानपुर नगर, आगरा व कुछ अन्य जिलों के डीएम से उनकी कार्यशैली को लेकर खासी नाराजगी जाहिर की। इससे पूर्व योगी ने बकरीद, सावन के अंतिम सोमवार, रक्षा बंधन, स्वतंत्रता दिवस व जन्माष्टमी के अवसर पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रखने का निर्देश दिया।


  • हिन्दुस्तान : 10/08/2019 लखनऊ | प्रमुख संवाददाता : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश में सौ साल या उससे ज्यादा पुराने पेड़ों की गिनती कर उन्हें विरासत के रूप में संरक्षित किया जाए। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को लखनऊ के जैतीखेड़ा में बरगद का पौधा लगाकर पौधरोपण महाकुम्भ का शुभारंभ किया। इस दौरान चार रिकॉर्ड बने। . पौधरोपण महाकुंभ में सुबह 9 बजे से शाम 6.30 बजे तक 22 करोड़ 59 लाख 81 हजार 116 पौधे लगाने का रिकॉर्ड बना। आजमगढ़ में सबसे ज्यादा 62 लाख पौधे लगाने का दावा किया गया। कासगंज में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मौजूदगी में 51 तरह के 1.01 लाख पौधे लगे। यह भी एक रिकार्ड है।
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    कीर्तिमान:एक ही दिन में 22.37 करोड़ पौधे लगाए
    हिन्दुस्तान 10/08/2019
    लखनऊ | प्रमुख संवाददाता : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रदेश में सौ साल या उससे ज्यादा पुराने पेड़ों की गिनती कर उन्हें विरासत के रूप में संरक्षित किया जाए। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को लखनऊ के जैतीखेड़ा में बरगद का पौधा लगाकर पौधरोपण महाकुम्भ का शुभारंभ किया। इस दौरान चार रिकॉर्ड बने। . पौधरोपण महाकुंभ में सुबह 9 बजे से शाम 6.30 बजे तक 22 करोड़ 59 लाख 81 हजार 116 पौधे लगाने का रिकॉर्ड बना। आजमगढ़ में सबसे ज्यादा 62 लाख पौधे लगाने का दावा किया गया। कासगंज में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की मौजूदगी में 51 तरह के 1.01 लाख पौधे लगे। यह भी एक रिकार्ड है।


  • राष्ट्रीय सहारा : 09/08/2019 लखनऊ (एसएनबी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को यहां एनेक्सी में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सुदृढ़ आर्थिक विकास में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे लिए बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा 1500 करोड़ पए के ऋण की मंजूरी के लिए बैंक को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की मदद से उत्तर प्रदेश के विकास को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में संस्थागत वित्त तथा बैंक ऑफ बड़ौदा के समन्वित प्रयासों से 01 लाख किसान क्रेडिट कार्ड वितरित करने के लिए ई-लॉन्चिंग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 25 लाख किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के लक्ष्य को शीघ्र हासिल किया जाए। प्रदेश में 5 हजार से अधिक आबादी वाले सभी गांवों में वर्तमान में बैंकिंग आउटलेट स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे लोगों को बैंकिंग सुविधाएं मिलने में आसानी होगी। उन्होंने पूरे प्रदेश में और अधिक बैंक शाखाएं स्थापित किए जाने पर जोर दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि पूवार्ंचल एक्सप्रेस-वे, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे, जेवर एयरपोर्ट, डिफेंस कॉरिडोर, पावर सेक्टर, अन्तर्देशीय जलमार्ग जैसी योजनाओं पर तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है। इनमें बैंकर्स द्वारा निवेश की अपार सम्भावनाएं मौजूद हैं, जिससे भविष्य में प्रदेश के ऋण जमा अनुपात को बढ़ाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में उपलब्ध संसाधनों को बढ़ाते हुए प्रदेश की विकास दर को 10 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यदि ऐसा हो सका तो राज्य के विकास के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के स्तर पर ऋण जमा अनुपात 78 प्रतिशत है, जबकि प्रदेश का ऋण जमा अनुपात मात्र 57 प्रतिशत है। इसको बढ़ाने में बैंक आगे आये और क्रेडिट कैम्पों का आयोजन करें। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी शहरी तथा ग्रामीण योजना के तहत उत्तर प्रदेश, देश में पहले स्थान पर है।मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में एक सशक्त माध्यम है। प्रदेश सरकार की फ्लैगशिप स्कीम ओडीओपी भी संचालित की जा रही है। इस योजना को सफल बनाने के लिए पूर्व में बैंकों द्वारा एक हजार करोड़ पए से अधिक के ऋण वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने बैंकों से इसमें और अधिक गतिशीलता लाने की अपेक्षा जतायी। मुख्यमंत्री ने विास व्यक्त किया कि वर्ष 2024 तक उत्तर प्रदेश एक 01 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी के साथ देश के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों को भी बैंकरों के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि दो वषों के अंदर 71 हजार करोड़ पए के लम्बित गन्ना मूल्य का भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया गया है। इथनॉल के उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केन्द्र व राज्य द्वारा प्रायोजित योजनाओं की ‘‘सफलता की कहानी’ पुस्तिका का विमोचन किया। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव खादी एवं एमएसएमई नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव समाज कल्याण मनोज सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद थे।
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    यूपी के सुदृढ़ आर्थिक विकास में बैंकों की अहम भूमिका : सीएम
    राष्ट्रीय सहारा 09/08/2019
    लखनऊ (एसएनबी)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बृहस्पतिवार को यहां एनेक्सी में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक की। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सुदृढ़ आर्थिक विकास में बैंकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे लिए बैंक ऑफ बड़ौदा द्वारा 1500 करोड़ पए के ऋण की मंजूरी के लिए बैंक को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि इस तरह की मदद से उत्तर प्रदेश के विकास को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बैठक के दौरान उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में संस्थागत वित्त तथा बैंक ऑफ बड़ौदा के समन्वित प्रयासों से 01 लाख किसान क्रेडिट कार्ड वितरित करने के लिए ई-लॉन्चिंग की। उन्होंने कहा कि प्रदेश में 25 लाख किसान क्रेडिट कार्ड बनाने के लक्ष्य को शीघ्र हासिल किया जाए। प्रदेश में 5 हजार से अधिक आबादी वाले सभी गांवों में वर्तमान में बैंकिंग आउटलेट स्थापित किए जा चुके हैं, जिससे लोगों को बैंकिंग सुविधाएं मिलने में आसानी होगी। उन्होंने पूरे प्रदेश में और अधिक बैंक शाखाएं स्थापित किए जाने पर जोर दिया।मुख्यमंत्री ने कहा कि पूवार्ंचल एक्सप्रेस-वे, बुन्देलखण्ड एक्सप्रेस-वे, गंगा एक्सप्रेस-वे, जेवर एयरपोर्ट, डिफेंस कॉरिडोर, पावर सेक्टर, अन्तर्देशीय जलमार्ग जैसी योजनाओं पर तीव्र गति से कार्य किया जा रहा है। इनमें बैंकर्स द्वारा निवेश की अपार सम्भावनाएं मौजूद हैं, जिससे भविष्य में प्रदेश के ऋण जमा अनुपात को बढ़ाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में उपलब्ध संसाधनों को बढ़ाते हुए प्रदेश की विकास दर को 10 प्रतिशत तक बढ़ाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। यदि ऐसा हो सका तो राज्य के विकास के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन उपलब्ध होंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के स्तर पर ऋण जमा अनुपात 78 प्रतिशत है, जबकि प्रदेश का ऋण जमा अनुपात मात्र 57 प्रतिशत है। इसको बढ़ाने में बैंक आगे आये और क्रेडिट कैम्पों का आयोजन करें। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना का जिक्र करते हुए कहा कि इसकी शहरी तथा ग्रामीण योजना के तहत उत्तर प्रदेश, देश में पहले स्थान पर है।मुख्यमंत्री ने कहा कि एमएसएमई सेक्टर प्रदेश में औद्योगिक विकास और रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में एक सशक्त माध्यम है। प्रदेश सरकार की फ्लैगशिप स्कीम ओडीओपी भी संचालित की जा रही है। इस योजना को सफल बनाने के लिए पूर्व में बैंकों द्वारा एक हजार करोड़ पए से अधिक के ऋण वितरित किए जा चुके हैं। उन्होंने बैंकों से इसमें और अधिक गतिशीलता लाने की अपेक्षा जतायी। मुख्यमंत्री ने विास व्यक्त किया कि वर्ष 2024 तक उत्तर प्रदेश एक 01 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी के साथ देश के विकास में अहम भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार की दो वर्ष की उपलब्धियों को भी बैंकरों के समक्ष रखा। उन्होंने कहा कि दो वषों के अंदर 71 हजार करोड़ पए के लम्बित गन्ना मूल्य का भुगतान सीधे किसानों के खातों में किया गया है। इथनॉल के उत्पादन को भी बढ़ावा दिया जा रहा है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने केन्द्र व राज्य द्वारा प्रायोजित योजनाओं की ‘‘सफलता की कहानी’ पुस्तिका का विमोचन किया। कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव गृह एवं सूचना अवनीश कुमार अवस्थी, प्रमुख सचिव खादी एवं एमएसएमई नवनीत सहगल, प्रमुख सचिव कृषि अमित मोहन प्रसाद, प्रमुख सचिव समाज कल्याण मनोज सिंह, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, अन्य वरिष्ठ अधिकारी तथा बड़ी संख्या में बैंकों के प्रतिनिधि मौजूद थे।


  • दैनिक जागरण : 07/08/2019 राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेलों की सुरक्षा-व्यवस्था मजबूत करने के लिए कई बड़े फैसले किये हैं। तिहाड़ की तर्ज पर यूपी की जेलों में दोहरी चेकिंग व्यवस्था लागू कराने के लिए योगी ने 1300 पुलिसकर्मियों को प्रतिनियुक्ति पर कारागार विभाग को दिये जाने का निर्देश दिया है। जेलों में हर मुलाकाती को सीसीटीवी कैमरे की नजर से गुजरा जाए और हर दो माह में जेलकर्मियों के तबादले सुनिश्चित किए जाएं। योगी ने छह माह के भीतर सुधार नजर आने का अल्टीमेटम भी दिया। मुख्यमंत्री ने मंगलवार रात कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग की समीक्षा की। कहा कि जेलों में दो स्तर पर सुरक्षा-व्यवस्था की जाए और सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों डीजी जेल आनन्द कुमार ने शासन को प्रस्ताव भेजा था कि सूबे की 25 संवेदनशील जेलों के बाहरी हिस्से में चेकिंग पुलिस द्वारा कराई जाये। इसके लिए 1300 पुलिसकर्मियों की मांग की गई थी। हर 45 दिनों में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी बदलेगी और संबंधित जिले के एसएसपी/एसपी के अधीन रहेंगे। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी। बताया गया कि बैठक में सूबे की पांच जेलों को हाई सिक्योरिटी जेलों में तब्दील करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई।
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    हर दो माह में बदले जाएं जेलों के कर्मचारी : योगी
    दैनिक जागरण 07/08/2019
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जेलों की सुरक्षा-व्यवस्था मजबूत करने के लिए कई बड़े फैसले किये हैं। तिहाड़ की तर्ज पर यूपी की जेलों में दोहरी चेकिंग व्यवस्था लागू कराने के लिए योगी ने 1300 पुलिसकर्मियों को प्रतिनियुक्ति पर कारागार विभाग को दिये जाने का निर्देश दिया है। जेलों में हर मुलाकाती को सीसीटीवी कैमरे की नजर से गुजरा जाए और हर दो माह में जेलकर्मियों के तबादले सुनिश्चित किए जाएं। योगी ने छह माह के भीतर सुधार नजर आने का अल्टीमेटम भी दिया। मुख्यमंत्री ने मंगलवार रात कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग की समीक्षा की। कहा कि जेलों में दो स्तर पर सुरक्षा-व्यवस्था की जाए और सुरक्षा के लिए जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाए। उल्लेखनीय है कि बीते दिनों डीजी जेल आनन्द कुमार ने शासन को प्रस्ताव भेजा था कि सूबे की 25 संवेदनशील जेलों के बाहरी हिस्से में चेकिंग पुलिस द्वारा कराई जाये। इसके लिए 1300 पुलिसकर्मियों की मांग की गई थी। हर 45 दिनों में पुलिसकर्मियों की ड्यूटी बदलेगी और संबंधित जिले के एसएसपी/एसपी के अधीन रहेंगे। मुख्यमंत्री ने इस प्रस्ताव को अपनी मंजूरी दे दी। बताया गया कि बैठक में सूबे की पांच जेलों को हाई सिक्योरिटी जेलों में तब्दील करने के प्रस्ताव पर भी चर्चा की गई।


  • दैनिक जागरण : 06/08/2019 राज्य ब्यूरो, लखनऊ : कानून-व्यवस्था और विकास कार्यो में लापरवाही को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तेवर तीखे हो गए हैं। पिछले दो दिन से आइएएस और आइपीएस अफसरों पर सख्ती के बाद सोमवार को योगी ने वरिष्ठ अफसरों से भी नाराजगी जताई। चेतावनी दी कि अगर कोई फाइल किसी के पास तीन दिन से अधिक रुकी तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी। यह निर्देश मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के कार्यालय पर भी लागू होगा। मुख्यमंत्री सोमवार को लोकभवन में बुंदेलखंड और ¨वध्य क्षेत्र की पाइप पेयजल योजना की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस बैठक में स्पष्ट कर दिया कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव दफ्तर में भी तीन दिन में फाइलों का निस्तारण हो जाए। दरअसल, पौने दो साल बाद भी विभागीय औपचारिकताओं के पेच के कारण पाइप पेयजल का कार्य शुरू न होने से वह नाराज हो गए। योगी ने कहा कि यह बहुत ही महत्वाकांक्षी और जनहित से जुड़ी परियोजना है। फाइलों पर अफसरों की बार-बार की टिप्पणी ठीक नहीं है। अगर एक साथ सभी आपस में बैठ जाएं तो कुछ मिनटों में ही यह समस्या हल हो जाएगी। योगी ने कहा कि अफसर काम को गति दें, बाधा न बनें। अगर आपसी बातचीत में कोई दिक्कत है तो मुख्य सचिव या मेरे कार्यालय के अधिकारियों के साथ बैठकर समस्या का हल निकाल सकते हैं। जरूरत हो तो मुङो भी बता सकते हैं। योजना संबंधित विभाग मिलकर बनाएं और उनका निस्तारण एक साथ करें। यदि पत्रवली के निस्तारण में विलंब होता है तो उसका स्पष्ट कारण बताया जाए और बार-बार जानकारी न मांगकर एक बार में ही सभी शंका का समाधान किया जाए। माहभर पहले मैंने अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। एक दो दिन में फिर बैठक होगी। इस बार पूरी कार्ययोजना के साथ बैठक में आएं।
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    फाइल तीन दिन से अधिक रुकी तो नपेंगे अफसर : योगी
    दैनिक जागरण 06/08/2019
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : कानून-व्यवस्था और विकास कार्यो में लापरवाही को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तेवर तीखे हो गए हैं। पिछले दो दिन से आइएएस और आइपीएस अफसरों पर सख्ती के बाद सोमवार को योगी ने वरिष्ठ अफसरों से भी नाराजगी जताई। चेतावनी दी कि अगर कोई फाइल किसी के पास तीन दिन से अधिक रुकी तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय होगी। यह निर्देश मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के कार्यालय पर भी लागू होगा। मुख्यमंत्री सोमवार को लोकभवन में बुंदेलखंड और ¨वध्य क्षेत्र की पाइप पेयजल योजना की समीक्षा कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने इस बैठक में स्पष्ट कर दिया कि मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव दफ्तर में भी तीन दिन में फाइलों का निस्तारण हो जाए। दरअसल, पौने दो साल बाद भी विभागीय औपचारिकताओं के पेच के कारण पाइप पेयजल का कार्य शुरू न होने से वह नाराज हो गए। योगी ने कहा कि यह बहुत ही महत्वाकांक्षी और जनहित से जुड़ी परियोजना है। फाइलों पर अफसरों की बार-बार की टिप्पणी ठीक नहीं है। अगर एक साथ सभी आपस में बैठ जाएं तो कुछ मिनटों में ही यह समस्या हल हो जाएगी। योगी ने कहा कि अफसर काम को गति दें, बाधा न बनें। अगर आपसी बातचीत में कोई दिक्कत है तो मुख्य सचिव या मेरे कार्यालय के अधिकारियों के साथ बैठकर समस्या का हल निकाल सकते हैं। जरूरत हो तो मुङो भी बता सकते हैं। योजना संबंधित विभाग मिलकर बनाएं और उनका निस्तारण एक साथ करें। यदि पत्रवली के निस्तारण में विलंब होता है तो उसका स्पष्ट कारण बताया जाए और बार-बार जानकारी न मांगकर एक बार में ही सभी शंका का समाधान किया जाए। माहभर पहले मैंने अपर मुख्य सचिव और प्रमुख सचिव स्तर के अधिकारियों के साथ बैठक की थी। एक दो दिन में फिर बैठक होगी। इस बार पूरी कार्ययोजना के साथ बैठक में आएं।


  • दैनिक जागरण : 05/08/2019 राज्य ब्यूरो, लखनऊ : हिंदुस्तानी एकेडमी प्रयागराज के समारोह में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 10 साहित्यकारों को सम्मानित किया। सोनभद्र निवासी डॉ. अनुज प्रताप सिंह को अकादमी का सर्वोच्च गुरु गोरक्षनाथ शिखर सम्मान दिया गया है। सरकारी आवास पर आयोजित समारोह में योगी ने कहा कि वास्तव में साहित्य समाज का आईना होता है। जैसा साहित्य होगा, समाज उसी के अनुरूप प्रेरणा और प्रकाश प्राप्त करता है। अगर साहित्य मौलिक, उत्कृष्ट और शाश्वत मूल्यों पर आधारित है तो समाज को रचनात्मक गति और दिशा देता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय और लोकभाषाएं हिंदी की ताकत हैं, इसलिए क्षेत्रीय और लोकभाषाओं को भी विकसित करने का सतत प्रयास होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने एकेडमी की छह पुस्तकों का विमोचन भी किया। हिंदुस्तानी एकेडमी के अध्यक्ष डॉ. उदय प्रताप सिंह ने कहा कि अकादमी के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। हिंदी संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. सदानंद प्रसाद गुप्त ने कहा कि साहित्य मनुष्य की चेतना को दर्शाता है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, सूचना एवं संस्कृति निदेशक शिशिर, उप्र संस्कृत संस्थानम के अध्यक्ष डॉ. वाचस्पति मिश्र भी उपस्थित थे।
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    हिंदी की ताकत हैं क्षेत्रीय और लोकभाषाएं : योगी
    दैनिक जागरण 05/08/2019
    राज्य ब्यूरो, लखनऊ : हिंदुस्तानी एकेडमी प्रयागराज के समारोह में रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 10 साहित्यकारों को सम्मानित किया। सोनभद्र निवासी डॉ. अनुज प्रताप सिंह को अकादमी का सर्वोच्च गुरु गोरक्षनाथ शिखर सम्मान दिया गया है। सरकारी आवास पर आयोजित समारोह में योगी ने कहा कि वास्तव में साहित्य समाज का आईना होता है। जैसा साहित्य होगा, समाज उसी के अनुरूप प्रेरणा और प्रकाश प्राप्त करता है। अगर साहित्य मौलिक, उत्कृष्ट और शाश्वत मूल्यों पर आधारित है तो समाज को रचनात्मक गति और दिशा देता है। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय और लोकभाषाएं हिंदी की ताकत हैं, इसलिए क्षेत्रीय और लोकभाषाओं को भी विकसित करने का सतत प्रयास होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने एकेडमी की छह पुस्तकों का विमोचन भी किया। हिंदुस्तानी एकेडमी के अध्यक्ष डॉ. उदय प्रताप सिंह ने कहा कि अकादमी के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। हिंदी संस्थान के कार्यकारी अध्यक्ष डॉ. सदानंद प्रसाद गुप्त ने कहा कि साहित्य मनुष्य की चेतना को दर्शाता है। इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव सूचना एवं गृह अवनीश कुमार अवस्थी, सूचना एवं संस्कृति निदेशक शिशिर, उप्र संस्कृत संस्थानम के अध्यक्ष डॉ. वाचस्पति मिश्र भी उपस्थित थे।


  • हिन्दुस्तान : 04/08/2019 अयोध्या/लखनऊ | हिन्दुस्तान टीम :- सीएम योगी आदित्यनाथ का कहना है कि अयोध्या विवाद में मध्यस्थता से कुछ नहीं होगा। इससे हल नहीं निकलने वाला है। यह बात वह पहले से जानते थे। महाभारत काल में भी मध्यस्थता फेल हुई थी। योगी शनिवार को अयोध्या में थे। उन्होंने कहा कि इस मामले में अब छह से रोज सुनवाई होनी है। उन्हें विश्वास है कि सुप्रीम कोर्ट जनभावनाओं का सम्मान करेगा। जिस हक से अयोध्या को वंचित किया गया था, वह अयोध्या को मिलना चाहिए। सीएम ने कहा कि अयोध्या के आध्यात्मिक गौरव को बनाए रखना होगा। अयोध्या को हमेशा से बदनाम करने का प्रयास होता था। उन्होंने कहा कि अयोध्या पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण जगह बने, इस कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है।
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    अयोध्या को उसका हक मिलना चाहिए : योगी
    हिन्दुस्तान 04/08/2019
    अयोध्या/लखनऊ | हिन्दुस्तान टीम :- सीएम योगी आदित्यनाथ का कहना है कि अयोध्या विवाद में मध्यस्थता से कुछ नहीं होगा। इससे हल नहीं निकलने वाला है। यह बात वह पहले से जानते थे। महाभारत काल में भी मध्यस्थता फेल हुई थी। योगी शनिवार को अयोध्या में थे। उन्होंने कहा कि इस मामले में अब छह से रोज सुनवाई होनी है। उन्हें विश्वास है कि सुप्रीम कोर्ट जनभावनाओं का सम्मान करेगा। जिस हक से अयोध्या को वंचित किया गया था, वह अयोध्या को मिलना चाहिए। सीएम ने कहा कि अयोध्या के आध्यात्मिक गौरव को बनाए रखना होगा। अयोध्या को हमेशा से बदनाम करने का प्रयास होता था। उन्होंने कहा कि अयोध्या पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण जगह बने, इस कार्ययोजना पर काम किया जा रहा है।


  • राष्ट्रीय सहारा : 03/08/2019 लखनऊ (एसएनबी)। रूस का पूर्वी क्षेत्र भारत और उत्तर प्रदेश के लिहाज से बेहद संभावनाओं वाला है। कॉन्ट्रैक्ट फामिर्ंग, खाद्य प्रसंस्करण, वैकल्पिक ऊर्जा खासकर विंड और सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में वहां अपार संभवानाएं हैं। इन संभावनाओं का लाभ उत्तर प्रदेश को मिले। इसके साथ ही निवेशकों और अधिकारियों का जो भी प्रतिनिधिमंडल 12 और 13 अगस्त को रूस पहुंच रहा है वह वहां के निवेशकों से कुछ अच्छे एमओयू करके लौटे। ये बातें शुक्रवार को लोकभवन में रूस भ्रमण के संबंध में हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कही।मुख्यमंत्री ने कहा कि रूस दौरे से पहले सभी अधिकारी और निवेशक आपस में बैठकर होमवर्क कर लें। उन्होंने कहा कि रूस और भारत के संबंध वषों से बहुत अच्छे हैं। बैठक में 24 कंपनियों के 19 प्रतिनिधि शामिल हुए। इसमे फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, ऊर्जा संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में मुख्य सचिव अनूप चंद्र पाण्डेय, प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार, प्रमुख सचिव खाद्य प्रसंस्करण सुधीर गर्ग, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, विशेष सचिव मुख्यमंत्री अमित सिंह समेत कई अधिकारी उपस्थित थे।
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    निवेशकों के लिए रूस दौरा स्वर्णिम अवसर : मुख्यमंत्री
    राष्ट्रीय सहारा 03/08/2019
    लखनऊ (एसएनबी)। रूस का पूर्वी क्षेत्र भारत और उत्तर प्रदेश के लिहाज से बेहद संभावनाओं वाला है। कॉन्ट्रैक्ट फामिर्ंग, खाद्य प्रसंस्करण, वैकल्पिक ऊर्जा खासकर विंड और सोलर ऊर्जा के क्षेत्र में वहां अपार संभवानाएं हैं। इन संभावनाओं का लाभ उत्तर प्रदेश को मिले। इसके साथ ही निवेशकों और अधिकारियों का जो भी प्रतिनिधिमंडल 12 और 13 अगस्त को रूस पहुंच रहा है वह वहां के निवेशकों से कुछ अच्छे एमओयू करके लौटे। ये बातें शुक्रवार को लोकभवन में रूस भ्रमण के संबंध में हुई बैठक के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कही।मुख्यमंत्री ने कहा कि रूस दौरे से पहले सभी अधिकारी और निवेशक आपस में बैठकर होमवर्क कर लें। उन्होंने कहा कि रूस और भारत के संबंध वषों से बहुत अच्छे हैं। बैठक में 24 कंपनियों के 19 प्रतिनिधि शामिल हुए। इसमे फूड प्रोसेसिंग, डेयरी, ऊर्जा संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बैठक में मुख्य सचिव अनूप चंद्र पाण्डेय, प्रमुख सचिव ऊर्जा आलोक कुमार, प्रमुख सचिव खाद्य प्रसंस्करण सुधीर गर्ग, प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री एसपी गोयल, विशेष सचिव मुख्यमंत्री अमित सिंह समेत कई अधिकारी उपस्थित थे।

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  • बूचड़ खाना बंद करने पर धन्यावाद

    राजेश patodi हम यह चाहते हे की यह नियम पुरे भारत देश शक्ति से लागु किया जाये हम आशा करते हे की आप की यह मेहनत जरूर रंग लाएगी जय हिन्द जय भारत ,राजेश पटौदी म.प. इंदौर
  • शिक्षा

    अभिशेष एक अपील मोदी जी और योगी जी से की प्राइवेट स्कूल की फीस पर कोई लगाम नहीं है और उनके स्कूल मे पढ़ाया जाने वाला कोर्स बाजार भाव से पांच गुना दामों मे बेचा जा रहा है । आपसे निवेदन है कि इन दोनों बातो पर अपना ध्यान दे ।
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